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देखें कैसे काले जादू से अपने आप कट जाती है महिलाओं की चोटी

देश में कई जगह पर महिलाओं ने बताया है कि वे बेहोश हो जाती हैं और फिर कोई उनकी चोटी काटकर ले जाता है।

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Amit Mandloi

Aug 06, 2017

women hair cut

महिलाओं की चोटी कटने की घटना

इंदौर. पूरे देश में इन दिनों महिलाओं की चोटी कटने की घटना से डर फैला हुआ है। मुख्य रूप से गांवों और छोटे शहरों में इसका खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर तो लोग रात रात भर जागकर निकाल रहे हैं और घर की महिलाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा की दिल्ली में या देश के अन्य शहरों में पहले भी कई अफवाहों के समय पर हुआ है। हर जगह ऐसे लोग मिल रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे बेहोश हो गए और कोई उनकी चोटी काटकर ले गया। इसके बाद आस पास के लोग डर जाते हैं और उनकी भी रातों की नींद गायब हो जाती है। पूरे देश में इन दिनों इस अफवाह ने पांव पसार रखे हैं। देश में कई जगह पर महिलाओं ने बताया है कि वे बेहोश हो जाती हैं और फिर कोई उनकी चोटी काटकर ले जाता है। आइए हम आपको बताते हैं ऐसा कैसे हो जाता है-

दरअसल हमने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसे भूत प्रेत या जादू टोने का नाम दिया जा रहा है। शहर के नामी मनोचिकित्सक अजय शाह का कहना है कि यह एक तरह की बीमारी हो सकती है जिसे भूत-प्रेत या काले-जादू से जोड़कर देख रहे हैं।

अजय शाह कहते हैं मैंने टीवी पर कुछ केस देखे हैं जिनमें महिलाएं कह रही हैं कि उनको एक तरह से सिरदर्द हुआ और इसके बाद में चक्कर आया। इसके बाद में वे जब उठीं तो उनके बाल कटे हुए थे। डॉक्टर शाह बताते हैं कि यह कोई मानसिक समस्या भी हो सकता है जिसमें व्यक्ति अनजाने में ही ऐसी हरकत कर बैठता है।

डॉक्टर शाह कहते हैं कि ऐसी सब्कॉन्शियस स्टेज जहां व्यक्ति अवचेतन में जाकर शायद अपने बाल खुद ही काट ले ऐसी स्थिति में वो इस सिचुएशन में होता है जिसे डिएसोसिएशन से कंपेयर किया जा सकता है। जहां व्यक्ति को इस बात का अहसास भी नहीं होता कि वो अपने बाल काट रहा है या अपने साथ क्या कर रहा है। जब वो इस मानसिक मूर्छा से बाहर आता है तो वो हल्ला करने लगता है कि मेरे बाल कट गए। ऐसे में आप ना तो डरें और ना ही किसी को डरने दें।

डॉक्टर शाह का कहना है कि लोग डरे हुए हैं इसलिए वे बेहोश हो रहे हैं। ये उनके मन का वहम है। ऐसा कुछ नहीं है, कोई भूत-प्रेत नहीं है। एक केस जिसमें महिला के सिर के आगे के बाल गायब थे, के बारे में डॉ. ने कहा कि इस महिला को ट्रायकोटिलोमेनिया नामक इस बीमारी हो सकती है जिसमें मरीज टेंशन में आकर ना चाहते हुए भी अपने थोड़े-थोड़े बाल खींचता है. डॉ. कहते हैं कि ये अलोपेसिया अरीटा बीमारी भी हो सकती है जिसे स्पॉट बाल्डनेस (सर के कुछ हिस्सों में बालों का नहीं होना) भी कहते हैं। ये एक ऑटोइम्यून रोग है जिसमें सर के कुछ या संपूर्ण हिस्से से बाल झड़ जाते हैं। इसमें बाल ज्यादातर सिर की त्वचा से ही झड़ते हैं।

डॉक्टर शाह ने दावा किया है कि देशभर में चोटीकांड कहीं बीमारी की वजह से भ्रम है तो कहीं मन का वहम है। चोटीकांड की अफवाह परेशानी और तनाव की वजह से फैल रही है। कोई भूत नहीं है जो लोगों के बाल काट रहा है। हां कुछ मामलों में शरारती तत्वों ने बेशक इसका फायदा उठाया हो।

तो डॉक्टरों की बातचीत के आधार पर साफ हो जाता है कि इस तरह की कोई हकीकत नहीं है कि कोई महिलाओं की चोटी काट रहा है। यह बिल्कुल साफ है कि यह एक बीमारी है या फिर साजिश के तहत कुछ लोग इस अफवाह को फैला रहे हैं या फिर बढ़ावा दे रहे हैं।