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सहस्वामित्व के लिए पंचायतों से संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण लाएं

अनेक लोगों ने सहस्वामित्व के लिए लगा दिए सिफारिश पत्र

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सहस्वामित्व के लिए पंचायतों से संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण लाएं

सहस्वामित्व के लिए पंचायतों से संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण लाएं

इंदौर. मकान-प्लॉट में पत्नी या बेटी का नाम जुड़वाने के लिए पंचायत या नगरीय निकाय से संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण प्रस्तुत करें। पंचायत या निकाय के अफसर, सरपंच अथवा मंत्री का सिफारिश पत्र नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में सहस्वामित्व के तौर पर नाम जुड़वाने के लिए अनेक दस्तावेजों में सही प्रमाण नहीं मिले तो जिला पंजीयकों ने सभी दस्तावेज वापस कर दिए। इनमें पंचायत से प्रमाण लाने के बाद कार्रवाई होगी।

हाल ही में सरकार ने संपत्ति में पत्नी या बेटी का नाम शामिल करने के लिए पंजीयन शुल्क मात्र ११०० रुपए कर दिया। पहले संपत्ति की कीमत की ५ प्रतिशत राशि ली जाती थी। सरकार की घोषणा के बाद मामला नगर निगम व पंचायत ड्यूटी पर अटका था। इसका स्पष्टीकरण आने के बाद अब ११०० रुपए में नाम जुड़ सकेंगे। अभिभाषक प्रमोद द्विवेदी ने बताया, दोपहर में कुछ इस तरह के दस्तावेज आए थे, जो अधिकारियों को दिखाए गए। सामान्य तौर पर संपत्ति स्वामित्व के प्रमाण को मान्य किया जाता है। वरिष्ठ जिला पंजीयक बीके मोरे से स्पष्ट किया है, पंचायतें सिफारिश पत्र जारी नहीं करें। अपने रजिस्टर में से संपत्तिकर या अन्य प्रामाणिक दस्तावेज दें।