
गरीबों के मकान टूटेंगे
मूसाखेड़ी. नगर निगम द्वारा आर ई.2 रोड का निर्माण किया जाना है जिसमें 650 से ज्यादा परिवार प्रभावित हो रहे हैं। यह रोड भूरी टेकरी से आरटीओ तक बनाया जा रहा है। बस्ती वालों का कहना है कि यदि रोड निकलता है तो लगभग 650 मकानों को तोड़ दिया जाएगा। यह भी आरोप है कि रसूखदार लोगों के मकान-जमीन बचाने के लिए प्लान बदला जा रहा हैै. रहवासियों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें सारी वस्तुस्थिति बताई।
इंदौर नगर निगम द्वारा मूसाखेड़ी के शिव नगर, शिव दर्शन नगर सहित कुछ कालोनियों के 600 से ज्यादा रहवासियों को विस्थापित कर आर ई.2 का निर्माण किया जा रहा है। रहवासियों का कहना है कि आर ई.2 सड़क को कुछ रसूखदार लोगों की भूमि बचाने के लिए मास्टर प्लान के प्रावधान अनुसार बदला जा रहा हैै जिससे साढ़े 600 के करीब मकान टूटना हैं। सड़क को मोड़ने के बजाय यदि सीधा निकाला जाए तो इन मकानों को बचाया जा सकता है।
बड़ी संख्या में महापौर के कार्यालय पर पहुंचे रहवासियों ने सामाजिक कार्यकर्ता रामस्वरूप मंत्री और प्रमोद नामदेव के नेतृत्व में महापौर से मुलाकात की और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया. उन्हें बताया कि वे एक बार आनस्पॉट आकर स्थिति को देखें और इन परिवारों को बचाने की कोशिश करें। साथ ही महापौर को प्रस्तावित सड़क और मास्टर प्लान की सड़क के नक्शे को भी बताकर बताया कि इसे कुछ रसूखदार लोगों की जमीन को बचानेेे के लिए परिवर्तित किया गया है। प्रतिनिधि मंडल का आग्रह था कि ऑन स्पॉट स्थिति का निरीक्षण करें। इस पर महापौर ने कहा कि वे दिवाली बाद स्थिति का निरीक्षण करेंगे और किसी को भी हटाने से पहले वैकल्पिक जगह दी जाएगी।
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा आर ई.2 रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह रोड भूरी टेकरी से आरटीओ तक बनाया जा रहा है। इसमें 650 से ज्यादा परिवार प्रभावित हो रहे हैं। बस्ती वालों का कहना है कि यदि रोड निकलता है तो लगभग 650 मकानों को तोड़ा जाएगा। यह बस्तियां लगभग 20 से 35 साल पुरानी हैं और सरकार ने ही इन्हें यहां पर पट्टा देकर बसाया था। यहीं से इनका रोजगार होता है। ऐसे में यदि यह रोड निकलता है तो इनका रोजगार छिन जाएगा।
हर परिवार से 2 लाख रुपए लिए जा रहे
इन रहवासियों को शहर से बाहर नगर निगम द्वारा विस्थापित किया जा रहा है। दो लाख रुपए प्रत्येक परिवार से लिए जा रहे हैं। एक तो इन परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण नगर निगम द्वारा दिए गए फ्लैट की कीमत नहीं दे पाएंगे। वहीं वह यदि इतनी दूर जाते हैं तो इनके रोजगार खत्म हो जाएंगे जिससे कि उनके जीवन पर संकट है। इस संबंध में प्रमोद नामदेव, अरुण गोपाल बागवान, प्रवीण व बस्ती के 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने मिलकर ज्ञापन दिया।
गलत नहीं होने देंगे
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक निगम जो सड़क बना रहा है वह मास्टर प्लान के आधार पर ही बन रही है। यदि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने कुछ बदलाव किया है तो हमें जानकारी नहीं है। मैं इस सप्ताह अधिकारियों को बुलाकर बात करूंगा। जांच के बाद रहवासियों के आरोप सही निकले तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Oct 2022 11:18 am
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