
इंदौर. शहर में कई ऐसे युवा हैं, जिन्होंने सरकारी योजना से लोन लेकर अपने व्यवसाय की शुरुआत की और सफलता हासिल की। अब यह खुद के व्यवसाय में कई लोगों को नौकरी देकर यह आगे बढ़ रहे हैं। संगम नगर की आयुषी पाल (24) की कुछ ऐसी कहानी है। प्रशासन के मुताबिक, आयुषी ने वर्ष 2016 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत बी. फार्मा का कोर्स किया। स्वयं के रोजगार की तमन्ना थी, इसलिए साथ ही होम बेकरी का काम शुरू किया। आयुषी ने बताया, मेरी बेकरी में रूचि थी। इसलिए मैंने लोन की जानकारी ली। रिश्तेदार से जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया तो बैंक से 10.22 लाख का ऋण प्रदान किया। इसके बाद मैंने बेकरी प्रोडक्ट मैन्युफेक्चङ्क्षरग यूनिट स्थापित की, जिसमें सफलता मिली। अभी वार्षिक टर्नओवर करीब 20 लाख है और कई लोगों को रोजगार मिला।
4200 लोगोंं को लोन देगा शासन
विभिन्न सरकारी योजनाओं में खुद का कारोबार शुरू करने के लिए शासन ने करीब 4200 लोगों को लोन देने का लक्ष्य रखा है। अभी करीब 1700 लोगों ने ही आवेदन किया है। शासन एक लाख से लेकर 50 लाख तक का लोन उपलब्ध कराता है।
खुद की लेथ मशीन के जरिए पाई सफलता
शासन की स्वरोजगार योजना में मिले लोन से अमनदीप को भी सफलता मिली। अमनदीप मालवीय (21) ने वर्ष 2018 में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की। कुछ दिन नौकरी की, लेकिन फिर खुद का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रयास शुरू किए। अमनदीप ने लेथ मशीन के जॉब वर्क के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहारा लिया। इसके तहत 15,22,000/- का लोन मिला और खुद की यूनिट सांवेर रोड पर स्थापित की। अब उनकी लेथ मशीन का काम चल पड़ा, अभी वार्षिक टर्नओवर लगभग 26 लाख रुपए है। कुछ ऐसी ही कहानी आबिद अली (42) की है। पहले वे कारपेंटर का लेबर जॉब करते थे। उन्होंने खुद के कारोबार की संभावना तलाशी। मशीनरी व कच्चे सामान के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की जानकारी मिली तो आवेदन किया। 3 लाख का लोन मिला तो खुद का काम शुरू कर दिया और सफल हो गए।
Published on:
06 Feb 2023 07:42 pm
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