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कोबाल्ट-60 से ही देंगे रेडिएशन

नई बिल्डिंग में लगेगी लीनियर मशीन, लेकिन दो से तीन साल करना होगा इंतजार

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Sep 09, 2023

कोबाल्ट-60 से ही देंगे रेडिएशन

इंदौर. शासकीय कैंसर अस्पताल में एक्सपायर मशीन से हर रोज 1200 से 1300 मरीजों को रेडिएशन दिया जाता है। 25 वर्ष से अधिक पुरानी इस मशीन की मियाद खत्म हो चुकी है। नई तकनीक की लीनियर एक्सीलेटर मशीन नहीं होने से इसी मशीन से ही काम चलाया जा रहा है। मालूम हो, कोबाल्ट-60 की जगह नई मशीन लाने का प्रस्ताव तब बना था, जब लीनियर एक्सीलेटर एडवांस तकनीक वाली थी। अब इससे भी एडवांस प्रोटोन तकनीक वाली प्रोटोन थैरेपी से भी कैंसर पीडि़तों का इलाज शुरू हो चुका है। यह और बात है कि एमवाय अस्पताल में पीपीपी मॉडल से लगने वाली लीनियर मशीन ही नहीं पहुंच सकी है। इस मशीन को भी नए अस्पताल की बिल्डिंग में लगाने की तैयारी है, जिसमें दो से तीन वर्ष लगेंगे। ऐसे में अगर कोबाल्ट-60 मशीन बार-बार खराब होगी तो मरीजों का परेशान होना तय है।
यह है प्रोटोन थैरेपी
अत्याधुनिक पद्धति है, जो प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित किए बिना कैंसर की अति सूक्ष्म गांठ को खत्म करती है। दुनिया के करीब 15 देशों में 88 सेंटर खोले जा चुके हैं। कीमो में बाल झडऩे और अन्य पीड़ा से भी राहत मिलती है।
लीनियर एक्सीलेटर इसलिए बेहतर
इस मशीन से कैंसर के अलावा अन्य टिश्यू अधिक क्षतिग्रस्त नहीं होते हैं। इससे सिर्फ कैंसर प्रभावित क्षेत्र की ही सिकाई की जाती है। वहीं, बाल झडऩे, प्रभावित क्षेत्र के आसपास चमड़ी जलने से भी राहत मिलती है। मरीजों को अधिक दर्द भी नहीं होता है।
2022 में रेडिएशन
माह रेडिएशन संख्या
जनवरी 1358
फरवरी 1302
मार्च 1487
अप्रेल 1494
मई 1387
जून 1638
जुलाई 1137
अगस्त 1336
सितंबर 1959
अक्टूबर 1149
नवंबर 1362
दिसंबर 1253
साल में इतने रेडिएशन
वर्ष रेडिएशन संख्या
2018 19327
2019 18604
2020 11274
2021 16502
2022 16762

लीनियर एक्सीलेटर की मंजूरी मिल चुकी है। यह मशीन नई बनने वाली बिल्डिंग में ही लगाई जाएगी। कैंसर अस्पताल में कोबाल्ट-60 मशीन का ही उपयोग किया जाता है। -
डॉ. रमेश आर्य, अधीक्षक, कैंसर अस्पताल