मंगलवार को पुलिस जनसुनवाई में राजेश पुराणिक और संजय मेहता ने डीआईजी संतोषकुमार सिंह से कहा कि वर्ष 2007 से 2009 के बीच फीनिक्स टाउनशीप में प्लॉट नंबर 833, 834 व 835 का पूरा पेमेंट करने के बाद चंपू ने उक्त प्लॉट किसी और को बेचने की बात कही और डेढ़ लाख रुपए और लेकर प्लॉट नंबर 1225, 1226 और 1227 की रजिस्ट्री कर दी। यह खेती के प्लाट निकले। इसके बाद चंपू और निकुल कापसी द्वारा की गई रजिस्ट्री लेकर दफ्तर पहुंचे तो धमकाकर भगा दिया। वर्ष 2013 में लसूडिय़ा थाने सहित पुलिस-प्रशसान के अफसरों को शिकायत की। उज्जैन से आई सुमनलता पति रमेशचंद्र शर्मा ने परिवार के साथ पहुंचकर वर्ष 2007 में चंपू द्वारा प्लॉट के नाम पर 2.71 लाख रुपए लेने के बाद लगातार चक्कर कटवाने की शिकायत की है।