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चेक बैंक में लगाए ही नहीं और लिख दिया बाउंस हो गए

मुख्य सचिव (सीएस) ने सही कहा था, आप लोग कलाकार ही नहीं, जादूगर भी हैं।

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cheque bounce

इंदौर. मुख्य सचिव (सीएस) ने सही कहा था, आप लोग कलाकार ही नहीं, जादूगर भी हैं। डायवर्शन शाखा का पिटारा जादूगर सरकार के हेट की तरह है। इसमें हर बार कोई नया जिन्न निकल रहा है। अब तक तो कहा जा रहा था, चेक बाउंस हो गए। जांच में पता चला कि कुछ चेक एेसे भी हैं, जिन्हें बैंक में लगाए बगैर बाउंस बता दिया गया। सख्तीभरा यह लहजा कलेक्टर निशांत वरवड़े का सोमवार को दिखा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट किया कि कोई जादूगरी अब नहीं चलेगी। ७०० करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला है। यदि सरकार के खाते में चेक जमा किए बगैर यदि डायवर्शन आदेश निकाला तो कार्रवाई को तैयार रहना। १०० प्रतिशत वसूली हमारा लक्ष्य है।

सर चेक नहीं हुए बाउंस
कलेक्टर सभी एसडीएम से अलग-अलग चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक साथ नहीं होने से मंगलवार तक की मोहलत दी है। इसी बीच एडीएम अजय देव शर्मा ने कहा, संयोगितागंज क्षेत्र के चार चेक बाउंस हो गए। इस पर एसडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने बोला, सर चेक बाउंस नहीं हुए हैं। ये चेक लगाए ही नहीं गए थे। कलेक्टर ने एसडीएम संदीप सोनी से चेक का बंच देने को कहा। चेक किया तो बात सही निकली, कई चेक्स पर बैंक की सील आदि नहीं थे, क्योंकि चेक बैंक में लगाए जाते और बाउंस होते तो बैंक की सील लगी होती। कलेक्टर यह देखकर हैरान रह गए। सिर्फ इतना ही बोले, मुझे १०० प्रतिशत वसूली चाहिए। बैठक में एडीएम अजय देव शर्मा, रुचिका चौहान सभी एसडीएम व राजस्व अधिकारी मौजूद थे।

करीब १५० करोड़ रुपए की मांग
कलेक्टर निशांत वरवड़े ने एक सप्ताह से चल रही पांच साल की डायवर्शन वसूली और मांग की समीक्षा की। इसमें अलग-अलग एसडीएम के आंकड़ों की गणना सामने नहीं आ पाई है। जानकारी के मुताबिक यह आंकड़ा लगभग १५० करोड़ हो सकता है। अफसरों की वसूली की दर देखें तो ६० से ६५ प्रतिशत के आसपास नजर आ रही है।