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अनदेखी से एक्सीडेंट जोन बना चिकमंगलूर चौराहा

रोटरी और लेफ्ट टर्न के चलते रोज होती हैं दुर्घटनाएं

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Mar 18, 2021

अनदेखी से एक्सीडेंट जोन बना चिकमंगलूर चौराहा

अनदेखी से एक्सीडेंट जोन बना चिकमंगलूर चौराहा

इंदौर. नगर निगम से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित चिकमंगलूर चौराहा एक्सीडेंट जोन में तब्दील हो चुका है। यहां रोजाना एक से गाडियां आपस में टकराती हैं, जिसमें लोग घायल भी होते हैं। लेकिन निगम मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी रोजाना होने वाले इस एक्सीडेंट जोन को खत्म करने की ओर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है।
शनिवार रात को यहां डॉक्टर की गाड़ी डिवाइडर में जा घूसी थी। उसके एक घंटे पहले भी यहां पर दो बाइक सवार आपस में टकरा गए थे। दरअसल, इस चौराहे के बीच में बनी रोटरी के कारण यहां पर आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। यहां निगम ने छोटी-सी रोटरी बना रखी है। ये रोटरी सडक़ और चौराहे के बीच में होने के बजाए सडक़ के ढलान वाले क्षेत्र की ओर ज्यादा है। यहां पर जेल की ओर से आने वाले वाहन चालक बजाए इस रोटरी को घूमने के उसके पहले ही मुड़ जाते हैं। ऐसे में नगर निगम और नॉवेल्टी की ओर से आने वाले वाहनों को वे नजर नहीं आते हैं, जिसके कारण यहां पर वाहन आपस में टकराते रहते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां रात के समय होती है। रात में यहां पर सबसे ज्यादा वाहन आपस में टकराते हैं।
लेफ्ट टर्न भी बड़ी परेशानी
दरअसल, इस चौराहे पर सबसे ज्यादा दबाव सुभाष मार्ग से जेल की ओर जाने वाले हिस्से पर होता है। इसी हिस्से में नगर निगम का मार्केट भी बना हुआ है। मार्केट में बनी दुकानों पर आने वाले वाहनों के कारण यहां लेफ्ट टर्न पर जगह ही नहीं बचती है। वहीं दूसरी नावेल्टी की ओर जाने वाले वाहनों के भी चौराहे पर फंसने के कारण यहां वाहनों को निकलने की जगह कम ही बचती है। ऐसे में यहां पर रोजाना वाहन आपस में टकराते रहते हैं। मध्यक्षेत्र के बड़े चौराहों में से एक होने के कारण यहां वाहनों की संख्या भी काफी ज्यादा रहती है, ऐसे में वाहनों के गिरने के बाद वाहन चालक दूसरे वाहनों से चोटिल होते रहते हैं।
प्लानिंग में ही नहीं
शहर के मध्यक्षेत्र का चौराहा और सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होने के बाद भी इस चौराहे को लेेकर नगर निगम ने अभी तक कोई प्लानिंग नहीं की है। नगर निगम ने जिन 10 चौराहों को विकसीत करने की तैयारी की है। उनमें इस चौराहे का नाम नहीं है। इसके चलते नगर निगम के अधिकारी इस चौराहे की परेशानी को लेकर कोई ध्यान नहीं देते हैं।
अफसरों भी उलझते जाम में
नगर निगम के अधिकारी स्मार्ट सिटी जाने के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। कई बार अफसर भी यहां लगने वाले जाम में उलझ जाते हैं, लेकिन निगम के अधिकारी इसके बाद भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं।

प्लानिंग कर रहे हैं
चिकमंगलूर चौराहे को लेकर हम प्लानिंग कर रहे हैं। यहां आने वाली परेशानियों को समझने के साथ ही हम उसका स्थाई हल करने के हिसाब से प्लान तैयार करवा रहे हैं।
-देवेंद्रसिंह, अपर आयुक्त