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बच्चों को NUDE देखने वाले वाट्सएप ग्रुप में जुड़े इंजीनियर, छात्र व व्यापारी

भारत सहित २९ देशो के लोग है शामिल, बड़ी संख्या में बच्चों से जुड़े पोर्न वीडियो को भेजते है GROUP में, दो ग्रुप की जानकारी आई सामने

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इंदौर

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Amit Mandloi

Apr 18, 2018

child pornography INDIA

इंदौर. साइबर सेल ने मंगलवार को अहम खुलासा करते हुए वाट्सएप पर बच्चों की पोर्न फिल्मों को भेजने वाले गु्रप का खुलासा किया है। इस गु्रप से जुड़े इंजीनियर, स्कूली छात्र व बर्तन व्यापारी को गिरफ्तार किया। विदेश से बने इस गु्रप में बच्चों की पोर्न फिल्में भेजी जाती थी। भारत सहित २९ देशो के लोग इस गु्रप से जुड़े हुए है।

एसपी साइबर जितेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को निजी कंपनी में इंजीनियर मकरंद सालुंके (२४) निवासी श्रीराम नगर महू, बर्तन व्यापारी ओंकार सिंह राठौर (४३) निवासी ग्राम दसाई सरदारपुर, व निमाड के ग्राम मोरगढ़ी के १२ वी कक्षा के स्कूली छात्र को पकड़ा है। साइबर सेल की रिसर्च विंग के विवेक मिश्रा को जानकारी मिली थी कि वाट्सएप पर ऐसे गु्रप संचालित हो रहे है जिसमें मध्यप्रदेश के लोग जुड़े है। इन गु्रप पर बच्चों की पोर्न फिल्मों का भेजा जाता है। इसी के बाद साइबर सेल की टीम ने बनाई जिसमें एसआई अमोद सिंह, अंबराम, जितेंद्र सिंह, रामपाल, आशीष शुक्ला, राहुल, रमेश, विनोद ने जांच की तो चार लोग मध्यप्रदेश के होने का पता चला। तीन को साइबर सेल ने पकड़ा है। एक युवक बिलासपुर का है उसे स्थानीय पुलिस की मदद से उसे पकड़ा जाएगा। तीनो आरोपित के मोबाइल जब्त किए है। उसमें मूल गु्रप मिले है। फोरेसिंक जांच कर पता करेंगे कि इन पोर्न फिल्मों के ये लोग अपने दूसरे गु्रप पर भी भेजते रहे है क्या। ऐसे ही एक और गु्रप की जानकारी मिली है जिसमें ४ लोग मध्यप्रदेश के है। उनकी जानकारी लेकर धरपकड़ की जाएगी। आरोपित के खिलाफ आइटी एक्ट ६६ बी में केस दर्ज किया गया।

५ साल की सजा, १० लाख रुपए तक जुर्माना

आइटी एक्ट की धारा ६६ बी में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले आते है। प्रदेश में पहली बार इंदौर में साइबर सेल ने इसका इस्तेमाल किया है। दिमागी स्थिति को भडक़ाने के लिए बच्चों को चित्रित करने वाली सामग्री का इलेक्ट्रानिक माध्यम से प्रचार, संग्रहण, उसे देखना, डाउनलोड करना, सर्च करना अपराध की श्रैणी में है। इसमें पकड़ाने पर ५ साल तक की सजा व १० लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। इसमें माना जाता है कि बच्चों से जुड़ी पोर्न फिल्में देखकर बच्चों से घटना होने की संभावना बढ़ जाती है।

सीबीआइ ने की थी पहली कार्रवाई
इस मामले में पहली कार्रवाई सीबीआइ ने २२ फरवरी २०१८ को करते हुए निखिल वर्मा (२४) निवासी कन्नौज उत्तरप्रदेश को पकड़ा था। वह बीकॉम पास होकर बेरोजगार था। वह जिस गु्रप का एडमिन था उसमें भारत सहित ४० देशो के लोग जुड़े थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने मुंबई, दिल्ली, नोएडा व अन्य जगहों पर गु्रप से जुड़े लोगो की धरपकड़ की थी।

लिंक भेजकर जोड़ते गु्रप में
वाट्सएप के गु्रप में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के गु्रप की लिंक भेजी जाती। जो व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता वह इससे जुड़ जाता। गु्रप की संख्या पूरी होने पर नया गु्रप बना लिया जाता। ये ग्रुप विदेश में बैठे लोग ही बनाते है। कुछ समय बाद वे ग्रुप को छोड़ देते या नंबर बना लेते। मंकरद ने बताया कि उसे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गु्रप में बायज गु्रप में था। साइबर सेल को जब एक गु्रप का पता चला तो उसका एडमिन केन्या का व्यक्ति था। जांच के दौरान एडमिन कुवैत का नागरिक बन गया। मंगलवार को एक भारतीय इस गु्रप का एडमिन बन चुका है। इसकी जांच की जा रही है।

इन देशो के लोग जुड़े है
वाट्सएप पर बच्चों के पोर्नोग्राफी गु्रप से भारत, पाकिस्तान, सउदी अरब, यूएइ, पेरू, कुवैत, यमन, श्रीलंका, मैक्सिको, ईरान, कतर, ओमान, म्यांमार, नेपाल, केनेडा, बोलविया, वियतमान, यूगांडा, कोस्टारिका, अलजीरिया, नाइजीरिया, टर्की, फ्रेंच गुएना, लेसोथो, घाना, मालदीव्स, ग्वाटेमाला, अर्जेंटीना के दो गु्रप में ४५४ लोग जुड़े है। सबसे ज्यादा भारत के २०५, पाकिस्तान के १७७ और सउदी अरब के १६ लोग इनमें शामिल है। भारत में उत्तर पूर्व राज्य के ३७, दक्षिण राज्य के ३३, महाराष्ट्र के २१, गुजरात के २१, मध्यप्रदेश के ४ लोगो के शामिल होने की जानकारी मिली है।

बच्चों से जुड़ी शहर में हुई घटनाएं
- ट्रैंजर आइलैंड माल में गेम जोन में ८ मार्च को १० साल की बच्ची के साथ कर्मचारी ने रेप की कोशिश की थी। घटना को लेकर काफी हंगामा मचा था।

- यूरो किड्स स्कूल में दो स्कूली बच्चों से शिक्षको द्वारा हरकत करने के आरोप लगे थे। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
- कनाडिय़ा इलाके में स्कूली छात्रा से एक आश्रम में रहने वाला व्यक्ति छेड़छाड़ करता था। स्कूल टीचर को पता चला तो मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची।