इंदौर में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी है। यहां शुक्रवार से कभी मूसलधार तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। शनिवार को तो भारी बारिश के कारण अनेक इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी। कई बस्तियों में पानी भरा गया। घरों में पानी घुसने से लोगों ने पलंग-खाट पर बैठकर रात गुजारी। रविवार को भी हालात सुधरे नहीं है। इधर कलेक्टर ने जिले में सोमवार को भी स्कूलो का अवकाश रखने का आदेश जारी कर दिया है।
इंदौर में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी है। यहां शुक्रवार से कभी मूसलधार तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। शनिवार को तो भारी बारिश के कारण अनेक इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी। कई बस्तियों में पानी भरा गया। घरों में पानी घुसने से लोगों ने पलंग-खाट पर बैठकर रात गुजारी। रविवार को भी हालात सुधरे नहीं है। इधर कलेक्टर ने जिले में सोमवार को भी स्कूलो का अवकाश रखने का आदेश जारी कर दिया है।
लगातार और तेज बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कें, बीआरटीएस, गलियां तो जैसे तालाब ही बन गए हैं। सड़कों पर गड्ढे उभर आए, जिनके कारण वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। शनिवार को भारी बारिश में फंसे दो सौ से ज्यादा लोगों का बचाव दल ने रेस्क्यू किया था। इस दौरान एक घर में ‘खुशियां’ आईं। किलकारी गूंजी। दल ने जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
रविवार को भी नगर निगम, प्रशासन की टीम के साथ समाजसेवी संस्थाएं, जनप्रतिनिधि मैदान में रहकर बारिश प्रभावित लोगों के हाल-चाल जान रहे हैं। उनके रहने व भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। शहर के साथ ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है। तालाब, नदी-नाले उफन रहे हैं, जिसके चलते यशवंत सागर के सारे गेट खोलना पड़े।
जिले में भारी बरसात को देखते हुए कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी और उनकी आपदा प्रबंधन टीम ने रात में भी मैदान संभाल लिया था। जहां-जहां बस्तियों के डूबने की खबर मिली, तुरंत रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। यहां 31 घंटों में 14 इंच से ज्यादा बरसात दर्ज की गई।
भारी बारिश से उत्पन्न हालातों को देखते हुए कलेक्टर ने सोमवार को भी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं लेकिन शिक्षकों को आना होगा। कलेक्टर का मानना है कि रास्तों में पानी भरा होने से बच्चों को स्कूल जाने में खासी दिक्कत हो सकती है। यही कारण है कि सोमवार को भी स्कूलों को बंद रखे जाने का निर्णय लिया गया है।