
VIDEO - विश्व योग दिवस : इस आसनों से माहवारी, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज की तकलीफें होगी दूर, जानें और भी फायदें
इंदौर. विश्व योग दिवस पर आज सुबह से शहर में योग किया गया। मुख्य कार्यक्रम एपीटीसी ग्राउण्ड पर 6 से 8 बजे तक आयोजित किया किया गया। 6.45 से 7 बजे तक मुख्यमंत्री का संदेश प्रसारित किया गया। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक विभिन्न प्रकार के सामूहिक योग हुए। लोगों ने अनुलोम-विलोम, कपालभाति, ऊंकार जप आदि किया। इस आयोजन में सभी शासकीय विभाग के अफसर और कर्मचारी मौजूद थे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला प्रभारी कलेक्टर दिनेश जैन आदि मौजूद थे। इसके अलावा पूरे शहर में अलग-अलग जगहों पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित हुए। भाजपा कार्यालय पर भी योग दिवस मनाया गया। नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने बताया कि कार्यालय के नीचे वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मिलकर योगासन किया और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। स्वस्थ रहने के लिये आज सभी की दिनचर्या में योग और व्यायाम शामिल होना चाहिए, प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग करना चाहिए।
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महिलाओं ने किया योग
धन्वन्तरी नगर में सुबह 6 बजे से निकिता जाधव ने रत्न दण्ड आसन, सुप्तबन्द कोण आसान, पाद उत्तानासन, त्रिकोण आसन तथा सूर्य आसान आदि योग महिलाओं को करवाए। जाधव ने बताया कि महिलाओं को इन आसनों से माहवारी, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज के समय जो तकलीफें आती हैं, उनसे राहत मिलेगी।
स्टेशन कर्मचारियों ने प्लेटफॉर्म पर
इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-1 पर योग दिवस मनाया गया। इस दौरान रेलवे अफसर, कर्मचारी, कुली सहित यात्री भी शामिल हुए। विंध्यांचल नगर में सेवाभारती, रहवासी संघ और वार्ड क्रमांक 6 के नागरिकों ने मिलकर योग दिवस मनाया। इस दौरान अलग-अलग तरह के योग प्रणायाम किए।
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महू मेें ठाकुर ने किया
छावनी परिषद महू एवं रक्षा सम्पदा अधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित समारोह में विधायक उषा ठाकुर ने भी योग किया। कार्यक्रम कैंट बोर्ड सीइओ मनीषा जाट, डीओ नेहा गुप्ता, विजय खन्ना, पार्षदगण व अन्य लोग उपस्थित थे जिला प्रशासन ने मुख्य आयोजन 15वीं बटालियन में आयोजित किया। यहां पर सभी शासकीय विभागों के कर्मचारियों व अफसरों को योग के लिए बुलाया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग की 20 से अधिक प्राचार्य व शिक्षिकाएं योग करने की बजाय कुर्सियों पर बैठकर अफसरों के योगासन देखती रहीं, जबकि मौजूद इन प्राचार्यों में कई ऐसी हैं, जो राज्यपाल अवॉर्ड ले चुकी हैं और उन्होंने अब राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया है।
सुबह 7 बजे योग कार्यक्रम किया गया तो शिक्षा विभाग की 20 से अधिक प्राचार्य व शिक्षिकाएं कुर्सियों पर ही बैठी रहीं। जब इनकी बातचीत करने पर सभी ने कुछ न कुछ शारीरिक तकलीफ बता दी। यहां मौजूद मूसाखेड़ी प्राचार्य राशि परिहार को दो वर्ष पहले राज्यपाल अवॉर्ड मिल चुका है। यह अवॉर्ड बेहतर कार्य और शारीरिक रूप से फिट होने पर ही मिलता है। प्राचार्य परिहार ने योग न करने का कारण कुछ परेशानी बताईं। उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर की प्राचार्य विजय शर्मा को भी राज्यपाल अवॉर्ड मिल चुका है और राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया है। इन्होंने योग न करने का कारण अपने घुटनों में दर्द होना बताया।
अहिल्या आश्रम क्रमांक दो की प्राचार्य सुनीता ठक्कर योग नहीं करने का कारण नहीं बता सकी। अहिल्या आश्रम क्रमांक एक की प्राचार्य पूजा सक्सेना ने राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया है। इन्होंने भी योग करने करने कारण कुछ दिक्कत होना बताया। यहां सवाल खड़ा होता है कि जब स्कूल की मुखिया ही योग से परहेज कर रही हैं तो फिर बच्चों को कैसे फिट रख पाएंगी।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र मकवानी ने बताया कि उम्र का तकाजा और शारीरिक रूप से समस्याओं के कारण कुछ प्राचार्य योग नहीं कर पाए। प्राचार्य की उम्र 50 से 55 उम्र होती है। कई कार्य हैं जिस कारण वो अपने आप को बीमार मान रहे हैं और योग नहीं कर पाए। हमारी कोशिश रहेगी कि योग कार्यक्रम स्कूलों में शिक्षक और प्राचार्यों के लिए शुरू किया जाए।
Published on:
21 Jun 2019 11:27 am

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