मृतक की बेटी के अनुसार, उनके पिता के पेट में पानी जमा हो गया था, जिससे लिवर और किडनी फेल हो गए थे। करीब एक महीने पहले भी उन्हें दूषित पानी के कारण दस्त की शिकायत हुई थी। कुछ दिन ठीक रहने के बाद पेट, हाथ और पैरों में सूजन आने लगी। इसपर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शरीर में पानी भरने की बात कही। 15 दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई। वे पहले सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थे और फिलहाल घर पर ही रह रहे थे। परिवार में चार बेटियां और मां हैं।