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मंत्री कैलाश का एक और कांड! विधानसभा में दी झूठी जानकारी….

Kailash Vijayvargiya- विधानसभा में प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसे दावे किए, जो दस्तावेज़ और हकीकत से मेल नहीं खाते। पदों और कर्मचारियों की जानकारी पर उठ रहे सवाल।

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इंदौर

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Akash Dewani

Feb 26, 2026

Minister Kailash Vijayvargiya gives False Information Vidhan Sabha over indore nagar nigam mp news

Kailash Vijayvargiya gives False Information in Vidhan Sabha (फोटो- Patrika.com)

MP News: अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने विधानसभा में भी झूठी जानकारी रख रहे हैं। विजयवर्गीय के हिसाब से इंदौर नगर निगम में एक भी सफाई संरक्षक नहीं हैं। यही जिस पद की योग्यता का अधिकारी नगर निगम में है ही नहीं, उसे भी विजयवर्गीय ने भरा हुआ बता दिया है।

यही नहीं, शहर के ही विधायक महेंद्र हार्डिया ने विधानसभा में सवाल लगाकर इंदौर नगर निगम में स्वीकृत पद, कार्यरत पद एवं रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। यह भी पूछा था कि क्या कर्मचारियों की कमी के चलते एक ही अधिकारी को कई जगह का प्रभार सौंपा गया है।

विजयवर्गीय ने विधानसभा में दी गलत जानकारी

विजयवर्गीय ने इसका जवाब दिया कि निगम की सीमा विस्तार के चलते अधिकारियों को एक से ज्यादा प्रभार दिए गए है। सीमा क्षेत्र के हिसाब से निगम में अमले की कमी है। जैसे ही पर्याप्त अमला होगा, वैसे ही नगर निगम में अफसरों से प्रभार ले लिया जाएगा। उन्होंने नगर निगम में पदों की जानकारी भी दी है।

विजयवर्गीय के मुताबिक, निगम में 6312 पद हैं, लेकिन केवल 1493 पद ही भरे हैं और 4819 पद खाली हैं। 3900 पद सफाई संरक्षकों के हैं, लेकिन ये सभी खाली हैं। जबकि, निगम में 1200 से ज्यादा सफाई संरक्षक कार्यरत है और 2400 से ज्यादा विनियमित सफाई संरक्षक सफाई का जिम्मा संभालते हैं। मंत्री ने इन सभी को निगम का कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया।

महीनों से खाली है पद

मंत्री विजयवर्गीय ने न केवल सफाई कर्मचारियों को लेकर झूठी जानकारी दी, बल्कि मुख्य स्वच्छता (स्वास्थ्य) अधिकारी और मुख्य नगर निवेशक के खाली पदों को भी भरा बता दिया। मुख्य स्वच्छता (स्वास्थ्य) अधिकारी के पद को लेकर हाईकोर्ट साफ कर चुकी है कि इस पद पर केवल एमबीबीएस को ही नियुक्त किया जा सकता है। नगर निगम में एमबीबीएस की डिग्री का कोई अधिकारी नहीं है। ऐसे में इस पद को भी भरा बता दिया गया। इसके अलावा मुख्य नगर निवेशक का पद भी भरा हुआ बताया, जबकि महीनों से यह पद खाली है।

मंत्री ने बोला और भी झूठ

विजयवर्गीय ने और भी झूठी जानकारी दी। विधानसभा में बताया कि नगर निगम में 24 राजस्व निरीक्षकों के पद हैं, जिनमें से 8 भरे और 15 रिक्त हैं। जबकि, निगम में एक भी राजस्व निरीक्षक नहीं हैं, जो काम कर रहे हैं वे सभी प्रभारी के तौर पर हैं। इसी तरह उप राजस्व निरीक्षक के 49 पदों में से 5 भरे और 44 खाली बताए गए हैं। जबकि इस पद पर भी प्रभारी के तौर पर विनियमित कर्मचारी काम कर रहे हैं। सहायक राजस्व निरीक्षकों के 195 पदों में से 115 पद भरे और 80 पद खाली बताए, जो गलत है। इस पद पर भी प्रभारी के तौर पर विनियमित और मस्टरकर्मी काम कर रहे हैं।

1200 गाड़ियां, ड्राइवर 3

निगम में 1200 गाड़ियां हैं, जिनमें जेसीबी और पोकलेन जैसी मशीनों के साथ डंपर, ट्रक सहित छोटे वाहन भी हैं। विजयवर्गीय ने जो जानकारी विधानसभा में रखी, उसके मुताबिक नगर निगम में केवल 3 ही ड्राइवर हैं। वह भी हल्के वाहनों को चलाने के लिए। हकीकत यह है कि 1200 गाड़ियों को चलाने के लिए ड्राइवर के 20 पद हैं, जिनमें से 17 खाली हैं। (MP News)