
कोरोना वायरस : लॉकडाउन में सब्जीवालों की सेटिंग, शहर को न ले 'डूबे'
इंदौर। अहमदाबाद में कोरोना संक्रमण बढऩे का बड़ा कारण सब्जी वाले भी रहे हैं। इंदौर में भी प्रशासन की सख्ती के बावजूद थोड़ी सी कमाई के लिए ये सब्जी व्यापारी मानने को तैयार नहीं हैं। महाराष्ट्र व गुजरात से धड़ल्ले से माल आ रहा है, जिसे ठिकाने लगाने का व्यापारियों ने अब नया रास्ता निकाल लिया है। उनके इस खेल में स्थानीय पुलिस वाले भी शामिल हो गए हैं।
इंदौर में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया है। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश तो ठीक दिल्ली की सरकार के होश उड़े हुए हैं। इसके चलते दिल्ली से एक दल आया हुआ है, जो लगातार निगरानी रखे है। सख्ती करने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन कुछ सब्जी व्यापारी मानने को तैयार नहीं। खुलेआम कुछ क्षेत्रों में सब्जी बेच रहे हैं। इस खेल में स्थानीय पुलिस वाले भी शामिल हैं।
पर्दे के पीछे की कहानी ये है कि व्यापारियों ने माल पहुंचाने का तरीका बदल दिया है। सारा माल गुजरात, महाराष्ट्र और निमाड़ से आ रहा है। बिल्टी बनकर भोपाल और ग्वालियर की आती है, लेकिन रास्ते में सांठगांठ हो जाती है तो सारा माल यहीं पर उतर रहा है।
इसके लिए मानपुर हाइवे और पीथमपुर का चयन किया गया। बड़ी गाड़ी यहां पर आकर रुक जाती है और छोटी-छोटी गाडिय़ों में माल डालकर इंदौर के अलग-अलग क्षेत्र में भेज दिया जाता है। ऐसा खेल उस समय होता है, जब उनकी सेटिंग के पुलिसवाले ड्यूटी पर होते हैं। तीन से चार गुना कीमत में माल बिक रहा है, जिसकी वजह से सबका बराबर ध्यान रखा जा रहा है।
बड़े व्यापारी को निगम अफसरों ने छोड़ दिया
गौरतलब है कि तीन दिन पहले नगर निगम टीम ने रिंग रोड पर श्रीचंद बजाज उर्फ कालू नामक व्यापारी के गोदाम पर छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में सब्जी पकड़ी थी। बजाज ने आलू-प्याज बेचने का प्रशासन से लाइसेंस ले रखा था। पकड़े जाने के बावजूद निगम के कुछ अफसरों ने सांठगांठ कर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया, जबकि अपर आयुक्त रजनीश कसेरा ने निर्देश दिए थे।
मजेदार बात ये है कि पुलिस ने पिछले दिनों १५० से अधिक ठेलेवालों को पकड़कर उन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतना बड़ा व्यापारी पकड़ाया तो उसे क्यों छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि २७ मार्च से लगातार व्यापार कर रहा था और माल बुलवा रहा था। कायदे से बजाज के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था।
Published on:
24 Apr 2020 10:27 am
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