21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वाटर पार्क सुसाइड : शेयर ट्रेडिंग में हुए बर्बाद, 2 लाख रुपए महीने की नौकरी छूटी, पोते के पैर पकडक़र बिलख पड़ी दादी

आइटी इंजीनियर कई दिन पहले से कर रहे थे खुदकुशी की प्लानिंग पुलिस ने ढूंढ़ी आत्महत्या की प्रमुख वजह, परिजन से हुई लंबी पूछताछ साइबर एक्सपर्ट से खुलवाया लैपटॉप का लॉक

4 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Sep 28, 2019

वाटर पार्क सुसाइड : शेयर ट्रेडिंग में हुए बर्बाद, 2 लाख रुपए महीने की नौकरी छूटी, पोते के पैर पकडक़र बिलख पड़ी दादी

वाटर पार्क सुसाइड : शेयर ट्रेडिंग में हुए बर्बाद, 2 लाख रुपए महीने की नौकरी छूटी, पोते के पैर पकडक़र बिलख पड़ी दादी

इंदौर. क्रिसेंट रिसोर्ट में बुधवार को आइटी इंजीनियर अभिषेक (45) पिता दिनेश सक्सेना, उनकी पत्नी प्रीति (40), 14 वर्षीय जुड़वा बच्चे अद्वित व अनन्या की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या की प्रमुख वजह ढूंढ़ ली है। घटनास्थल से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स व दिल्ली से आए परिजन से लंबी पूछताछ में खुलासा हुआ कि अभिषेक को शेयर ट्रेडिंग की लत थी, जिसमें उन्हें लाखों रुपए का घाटा हुआ। दंपती की नौकरी छूट जाने के बाद से परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। कई दिनों से पति-पत्नी खुदकुशी की प्लानिंग कर रहे थे।

अपोलो डीबी सिटी निवासी अभिषेक, उनकी पत्नी व बच्चों के शव क्रिसेंट रिसोर्ट के कमरे में मिले थे। एफएसएल जांच के बाद पुलिस ने शव पीएम के लिए जिला हॉस्पिटल भेजे। घटना की सूचना मिलते ही शुक्रवार की फ्लाइट से दिल्ली से आकर दंपती के परिजन अस्पताल पहुंचे। दंपती के इस कदम से दुखी सभी जानना चाहते थे की आखिर कौनसी एेसी वजह थी जिसकी वजह से उन्होंने इतना कठोर कदम उठा लिया। कुछ देर बाद पीएम प्रक्रिया शुरू हो गई।

must read : वाटर पार्क सुसाइड : बिस्तर पर ऐसे था शव मानो आखिरी समय पत्नी से कर रहे हो बात, परिजन बोले- हम तो स्तब्ध हैं...

इस दौरान एएसपी महू धर्मराज मीना, खुड़ैल थाना टीआइ रूपेश दुबे व थाना स्टाफ गमगीन परिजन को अपने साथ क्षेत्र के एक होटल ले गए। यहां पुलिस ने उनसे मृत दंपती व उनके बच्चे से संबंधित सभी जानकारी जुटाई। जब्त लैपटॉप को भी होटल में ही तकनीकी जांच के लिए खोला गया। एएसपी धर्मराज मीना ने बताया, मौके से बरामद मोबाइल, लैपटॉप, केमिकल का डिब्बा, पानी की बोतल, ग्लास और वेट मशीन व अन्य सामान की सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच के बाद शवों का पोस्टमॉर्टम कराया।

कलेजे के टुकड़े का शव देख बिलख पड़ी बुजुर्ग मां

परिवार की 85 वर्षीय बुजुर्ग बेटे-बहू और पोता-पोती की मौत की खबर सुनने के बाद से बदहवास हो गईं। दिल्ली से आए परिजन से सभी के अंतिम दर्शन करने की इच्छा जताई। परिजन उन्हें जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां मच्र्युरी के बाहर एंबुलेंस खड़ी थी। मौजूदा कर्मचारी नाम लेकर शव को एंबुलेंस में रखवाने के लिए आवाज लगा रहे थे। बेटे, बहू व पोती का शव देख दादी बदहवास हो गई। जैसे ही पोते के शव रखने की आवाज सुनी तो चलकर वहां पहुंची। सभी के शव के पैर को छूकर बिलख पड़ीं। उनकी तबीयत बिगड़ती देख परिवार के सदस्य उन्हें वहां से घर लेकर रवाना हो गए। परिजन शाम की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

साइबर एक्सपर्ट से खुलवाया लैपटॉप का लॉक

अभिषेक का लैपटॉप बहुत सिक्योर तरीके से लॉक होने से इसे साइबर एक्सपर्ट की मदद से खुलवाया गया। इसकी जांच में पता चला कि उन्हें शेयर ट्रेडिंग की लत थी। उन्होंने बड़ी मात्रा में इंवेस्टमेंट किया था। उनकी दो लाख रुपए प्रति माह सैलरी थी। पत्नी भी नौकरी करती थी। कुछ दिन पूर्व अभिषेक की नौकरी छूट गई। इस बीच वे नौकरी की तलाश करने लगे। इस बीच पत्नी की भी नौकरी छूट गई। इस बीच बच्चे बीमार हो गए। शेयर ट्रेडिंग में क्रेडिट कार्ड भी लिमिट भी खाली हो चुकी थी। आर्थिक तंगी से गुजरते कुछ सप्ताह से दोनों अपनी नौकरी के लिए चिंतित थे। जांच में परिवार सहित खुदकुशी करने के पीछे ये ही कारण सामने आ रहे हैं।

ऑनलाइन ऑर्डर किया केमिकल

एएसपी मीना ने बताया, अभिषेक ने नौकरी छूटने के बाद से ही आत्महत्या की प्लानिंग करना शुरू कर दी थी। आत्महत्या के लिए केमिकल ऑर्डर ऑनलाइन किया था।

बच्चों को करते थे बहुत प्यार

अभिषेक और उनकी पत्नी ने कुछ दिन पूर्व मां से कहा था कि काफी दिन से बच्चे बीमार हैं। माहौल चेंज करने के लिए वे बाहर घूमने जाना चाहते हैं। घटना के एक दिन पहले ही क्रिसेंट रिसोर्ट में ऑनलाइन रूम बुक किया। एएसपी ने बताया, जानकारी के मुताबिक दंपती अपने बच्चों से बहुत प्यार करते थे। वे जहां भी जाते बच्चे साथ ही रहते। परिजन का मानना है कि बच्चों से ज्यादा अटैचमेंट के चलते उन्होंने सोचा होगा कि खुदकुशी करने के बाद दोनों बच्चें उनके बगैर नहीं रह पाएेंगे। संभवत: इसीलिए दोनों बच्चों को भी तरल पदार्थ में जहरीला केमिकल दे दिया।

17 वर्ष पूर्व की थी लव मैरिज

परिजन ने बताया, कुछ समय पहले तक अभिषेक व उनकी पत्नी कंपनी के लिए घर से वर्क करते थे। अभिषेक के विदेश में बहुत क्लाइंट थे। काम की वजह से पड़ोसियों से ज्यादा बात नहीं होती थी। अभिषेक पूर्व में सीएसपी कंपनी में नौकरी करते थे। बाद में वे डीएक्ससी के लिए काम करने लगे। उनकी 17 वर्ष पूर्व लव मैरिज हुई थी।

दिल्ली में करेंगे अंतिम संस्कार

अभिषेक के बहनोई विपिन बिज ने बताया, गुरुवार शाम करीब छह बजे उन्हें घटना की सूचना मिली। शुक्रवार साढ़े पांच बजे की फ्लाइट से परिवार दिल्ली से इंदौर पहुंचा। बुधवार को प्रीति ने उनके पिता, बहन से तीन दिन पहले भाभी से फोन पर अच्छे से बात की। पिता से खाना खाने की बात कहते हुए सब कुछ ठीक होना बताया। अभिषेक खुशमिजाज लेकिन चुप रहने वाले व्यक्ति थे। दोनों बच्चे पढऩे में होशियार व टॉपर थे। विपिन ने कहा, प्रीति के परिजन दिल्ली के बसंतकुंज में रहते है। उनके बच्चों का जन्म व परवरिश वहीं हुई। अंतिम संस्कार शनिवार को दिल्ली में किया जाएगा। सभी शव सडक़ मार्ग से दिल्ली भेजे गए।