अश्लील वीडियो कॉल के बाद ब्लैकमेलिंग का नया पैंतरा

ठगी का नया तरीका : सायबर सेल में पहुंच रही हैं शिकायतें

इंदौर. फेसबुक, इंस्ट्रग्राम सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर खूबसूरत लड़कियां दोस्ती करती हैं, मैसेंजर में मीठी-मीठी बातें करके फोन नंबर लेती हैं। उसके बाद सामने वाले को फिर से अपनी बातों में फंसाकर अश्लील चेट और फिर अश्लील वीडियो कॉल कर उसे रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग की जाती हैं।
सोशल मीडिया या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने में माहिर सायबर ठग लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा वसूल रहे हंै। ऑनलाइन आर्थिक ठगी के बाद अब सोशल मीडिया पर हनी टै्रप जैसे मामले सामने आ रहे हैं। अशलील चेट और कॉलिंग के जाल में युवाओं को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का ट्रेंड देखा जाने लगा है। उन्हें बदनाम करने या फिर पुलिस शिकायत करने का डर दिखाकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
कई मामलों में पीडि़त बदनामी के डर से सामने नहीं आते हैं, लेकिन कुछ लोग सायबर सेल में शिकायत लेकर पहुंचे है। पिछले दिनों करीब ४-५ मामले सायबर सेल के पास पहुंचे है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। साइबर एक्सपर्ट शकील अंजुम का कहना है कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद सीधे व्हाट्सऐप पर मैसेज और अश्लील वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग की जा रही है। अनजान नंबर से वीडियो कॉल अटेंड नही करें। यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत है।
केस : 1
एक युवा फेसबुक यूजर के पास मई में एक लडक़ी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। लडक़ी ने चेट किया, इसके बाद वाट्सऐप नंबर लिया। लडक़ी ने फिर अश्लील चेट के साथ ही वीडियो कॉलिंग भी की। कुछ देर बाद युवक को मैसेज कर कहा गया कि आपकी वीडियो बन गई है। ५० हजार रुपए दो नहीं तो वीडियो वायरल करने के साथ ही पुलिस में शिकायत की जाएगी।
केस : 2
राजगढ़ से इंदौर पढऩे आए युवा को भी एक लडक़ी ने फेसबुक पर दोस्त बनाया। इसके बाद रातभर चेटिंग की। पहले तो लडक़ी ने चेटिंग में अश्लील फोटो भेजे फिर वीडियो कॉलिंग की। वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की गई।
राजस्थान में सक्रिय रैकेट
सायबर सेल की भाषा में इसे सेक्सटॉर्शन कहा जाता है। सेल के अफसरों के मुताबिक इस तरह के अधिकांश रैकेट राजस्थान से संचालित हो रहे हैं। राजस्थान की अलवर पुलिस ने पिछले दिनों ऐसे ही एक रैकेट का पर्दाफाश किया था। इस रैकेट में करीब 12 लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया है।
अनजान लोगों से न करें दोस्ती
&अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने में सतर्कता बरतें। वीडियो कॉलिंग में सतर्कता आवश्यक है। अगर कोई भी इस तरह के सायबर क्राइम का शिकार होता है, तो घबराएं नहीं न ही किसी को पैसा दें। तत्काल पुलिस को शिकायत करें।
-जितेन्द्र सिंह, एसपी, सायबर सेल

रमेश वैद्य Desk
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