
Fraudsters fraud call
Cyber Fraudsters: जनता को डिजिटल अरेस्ट के बाद अब साइबर क्रिमिनल पुलिस अधिकारियों के नाम पर धमकाकर वसूली कर रहे हैं। राजस्थान के रिटायर्ड डीआइजी ने हाल ही में क्राइम ब्रांच में शिकायत की तो अधिकारी सन्न रह गए। पता चला कि काल स्पूफिंग से अवैध वसूली का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी जांच बैठा दी है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, हाल ही में जयपुर के रिटायर्ड डीआइजी ने शिकायत की है। साइबर ठगों ने एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर के नंबर को इस्तेमाल कर रिटायर्ड अधिकारी को कॉल कर पैसा ऐंठने का प्रयास किया था। कॉल स्पूफिंग कर लोगों को कोर्ट कार्रवाई के नाम पर डरा रहे हैं। अब तक दिल्ली, कोलकाता, बेंगलूरु व अन्य स्थानों पर इंदौर पुलिस के नाम पर ठगों ने कॉल कर पैसे मांगने का प्रयास किया है। टीआइ एमजी रोड विजय सिंह सिसौदिया ने भी एमजी रोड थाने पर शिकायत की है। इसमें उनके सरकारी नंबर के गलत इस्तेमाल कर अनजान लोगों को कॉल करने का जिक्र है।
सूत्रों की मानें तो ऑनलाइन ठगी करने वालों ने गूगल प्लेटफाॅर्म पर नामचीन कंपनी के सर्विस सेंटर, हेल्पलाइन से मिलते-जुलते अपने फर्जी नंबर डाल रखे हैं। लोग सर्च तो सही करते हैं लेकिन गलत नंबर पर कॉल कर साइबर क्रिमिनल के चंगुल में फंस जाते हैं। गूगल पर जिस नंबर का सर्च ज्यादा होता है वह लिस्ट में टॉप 10 पर जगह बना लेता है। ऐसा ही कुछ इंदौर पुलिस के साथ हो रहा है। गूगल पर क्राइम ब्रांच नंबर सर्च करने पर इंदौर पुलिस का नंबर खुलता है। इसी तरह इंदौर पुलिस कांटेक्ट नंबर गूगल पर सर्च करने पर एमजी रोड थाने का पता और टीआइ के सरकारी नंबर की जानकारी मिलती है।
दंडोतिया ने बताया, साइबर क्रिमिनल ने इंदौर पुलिस अधिकारी का नंबर हासिल कर उसे साॅफ्टवेयर, ऐप में डाला होगा। इसके बाद अनजान व्यक्ति को इंदौर पुलिस अधिकारी बनकर कॉल किया। घबराए लोग जब फोन नंबर पर कॉल बैक करते हैं तो सही व्यक्ति यानि नंबर का इस्तेमाल करने वाले अधिकारी के पास पहुंच जाता है। लोग अधिकारी को ठग समझ शिकायत करने की बात करते हैं। जब उन्हें फ्रॉड के बारे में बताया जाता है तो इसकी शिकायत करने के लिए आगे आते हैं।
कॉल स्पूफिंग से यदि लोगों को बचना है तो लोग घबराए नहीं। जब भी फोन आए तो तुरंत कट करने के बाद कॉल बैक करें। जिस नंबर का गलत इस्तेमाल कर ठग ने आपको कॉल किया है उसी नंबर पर पलटकर कॉल करेंगे तो मूल नंबर धारक के पास फोन पहुंचेगा। इससे आप ठगों की चाल का अंदाजा लगाकर पुलिस में शिकायत कर सकते है।
Updated on:
29 Oct 2024 03:37 pm
Published on:
01 Jun 2024 08:41 am
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