
सोयामील की मांग और निर्यात में आई गिरावट
इंदौर. अक्टूबर से जनवरी के बीच सोयामील (डीओसी) का निर्यात 64 प्रतिशत तक गिर गया है। प्लांटों द्वारा कमजोर क्रशिंग को सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) ने इसकी वजह बताया है। तेल वर्ष 2021-22 यानी अक्टूबर से सितंबर के पहले चार महीनों में कुल 3.62 लाख टन डीओसी का निर्यात हुआ है। बीते साल इसी अवधि में डीओसी निर्यात 10.03 लाख टन था। इतना ही नहीं डीओसी का घरेलु उपभोग भी कमजोर पड़ गया है। पांच प्रतिशत घटकर पोल्ट्री उद्योग का डीओसी उपभोग अब तक 20 लाख टन रहा है। बीते वर्ष सोयामील के आयात से पोल्ट्री की मांग कमजोर पड़ी है। किसानों और स्टाकिस्टों ने सोयाबीन पकडक़र रखा है इसके चलते प्लांटों की सोयाबीन क्रशिंग भी 40 प्रतिशत तक घट गई है। बीते साल इस अवधि में डीओसी का उत्पादन 36.72 लाख टन था। जो इस वर्ष समान अवधि में 21.95 लाख टन पर सिमट गया है। मंडियों में भी सोयाबीन की आवक कमजोर ही बनी हुई है। सोपा के अधिकारी कह रहे हैं कि बीते वर्ष इस वअधि में सोयाबीन की आवक 64 लाख टन थी जो इस वर्ष अब तक 48 लाख टन ही दर्ज की गई है। हालांकि प्लांट इस बात से राहत महसूस कर रहे हैं कि एक ओर निर्यात और पोल्ट्री की मांग डीओसी में भले ही घटी है लेकिन मानव उपभोग यानी पूरक और प्रोटीन आहर के तौर पर उपयोग करने वालों की डीओसी में मांग बढ़ गई है। 2.1 लाख टन के बीते साल के आंकड़ों के मुकाबले सोयामील में पोषण आहर वालों की मांग 2.7 लाख टन दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि कोरोना के कारण स्वास्थ्यगत कारणों से चौकन्ने हुए लोगों ने प्रोटीन युक्त आहार का सेवन बढ़ा दिया है।
अमरीकी कृषि विभाग यूएसडीए ने ब्राजील और अर्जेंटीना के सोयाबीन उत्पादन अनुमानों को अपने पिछले अनुमानों से घटाकर कम कर दिया है। यूएसडीए ने अब ब्राजील के लिए सोयाबीन उत्पादन अनुमान फसल वर्ष 2021-22 (सितंबर-अगस्त) 134 मिलियन मीट्रिक टन होने का अनुमान लगाया है जोकि यूएसडीए द्वारा जनवरी में दिए गए अनुमान से लगभग 5 मिलियन मीट्रिक टन कम है। यूएसडीए ने अर्जेंटीना के सोयाबीन उत्पादन में भी कटौती की है। यूएसडीए ने अर्जेंटीना का सोयाबीन का उत्पादन 45 मिलियन मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया है। यूएसडीए ने अर्जेंटीना के सोयाबीन उत्पादन में पहले के उत्पादन अनुमान के मुकाबले लगभग 1.5 मिलियन मीट्रिक टन की कटौती की है। यूएसडीए की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक सोयाबीन उत्पादन में गिरावट रह सकती है। यूएसडीए के अनुसार वैश्विक सोयाबीन उत्पादन 8.7 मिलियन मीट्रिक टन से घटकर 363.9 मिलियन मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. यह गिरावट साउथ अमरीका में सूखे के चलते देखने को मिल सकती है।
लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मंूगफली तेल 1340 से 1360, मुंबई मूंगफली तेल 1350, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1290 से 1300 इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1280 से 1285, मुंबई सोया रिफाइंड 1315, मुंबई पाम तेल 1275, इंदौर पाम 1345, राजकोट तेलिया 2100, गुजरात लूज 1300, कपास्या तेल इंदौर 1270 से 1273 रुपए।
तिलहन : सरसों 6200, रायड़ा 6200 से 6400, सोयाबीन 6400 से 6600 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 56000 से 57000 रुपए टन।
प्लांटों के सोयाबीन भाव - बैतूल 6925, महाकाली 6900, लक्ष्मी 6900, प्रेस्टीज 6950, कास्ता 6850, खंडवा 6850, रुचि 6975, धानुका 7050, एमएस नीमच 7050, सिवनी 6900 व एवी 6950 रुपए।
कपास्या खली ( 60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव - इंदौर 2250 देवास 2250, उज्जैन 2250, खंडवा 2225, बुरहानपुर 2225, अकोला 3400 रुपए।
Published on:
14 Feb 2022 05:29 pm
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