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देपालपुर जेल ब्रेक- रात में ही बनाई थी फरार होने की योजना

-गेट से भागने वाले थे, जेलर को वहां से हटाया गया

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इंदौर

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Manish Yadav

Aug 10, 2020

देपालपुर जेल ब्रेक- रात में ही बनाई थी फरार होने की योजना

देपालपुर जेल ब्रेक- रात में ही बनाई थी फरार होने की योजना

इंदौर. देपालपुर जेल में फरारी के प्रयास के मामले में जेलर को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर इंदौर सेंट्रल जेल से अफसर को भेजा गया है। बताया जाता है कि रात में ही गेट से फरार होने की योजना बना ली थी। वह गेट का ताला खोल नहीं पाए तो दीवार कूदकर भागे और पकड़े गए।बदमाशों को जेल तक पकड़कर लाने का विडियो भी वायरल हो रहा है।

जेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार चारों आरोपी एक ही बैरक में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रात में सभी ने बैठकर भागने की योजना बनाई थी। इसके बाद गेट से भागने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए तो दीवार कूदी और पकड़े गए। अब चारों को इंदौर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। सेंट्रल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करा दी है। वहीं चारों को इंदौर लाया जा रहा है। इसके साथ ही वहां पर पदस्थ जेलर कुशवाह को भी हटाया जा रहा है। उनके स्थान पर इंदौर सेंट्रल जेल से अफसर को भेजा जा रहा है। कुशवाह का नियंत्रण प्रभावी नहीं होने की बात सामने आई है। अब वह जेल के क्वारंटीन सेंटर पर रहेंगे।
यह हुआ था

जेल के मुख्य गेट के पास ही राशन की भी व्यवस्था है। अपनी योजना के तहत एक आरोपी राशन लेने के लिए गेट पर आया था। इसके बाद उनके साथी ही बाल्टी लेने के बहाने गेट के अंदर आ गए। इसके बाद सिपाही से मारपीट कर चाबी छीनने का प्रयास किया। इसमें चाबी की चेन टूट गई। एक साथ चाबियां होने के कारण पता नहीं चल पाया कि कौन सी चाबी है। इसी दौरान चारों ने गेट में चाबी लगाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। दूसरे सिपाही आए तो पास की पेटी से कटर निकाल लिया और उन्हें धमकाने लगे। इसी दौरान एक सिपाही को मौका मिला और उसने घंटी बजा दी। बदमाशों को लगा कि गेट पर ज्यादा देर तक रुकेंगे तो पकड़े जाएंगे। इसके चलते गेट की बजाय दीवार से भागे। एक दूसरे के कंधे पर चढ़कर दीवार फांद गए।
कूदे तो भाग नहीं पाए

जेल की दीवार से कूदने के बाद तीन तो किसी तरह से चलकर बाहर निकल गए, लेकिन एक को वहीं पर पकड़ लिया गया। तीनों बाहर गए, वे भी भाग नहीं पा रहे थे। ऊपर से कूदने के कारण पैरों में लगी धमक के कारण तेजी से भाग नहीं पाए। वहीं कैदी आबादी वाले क्षेत्र की ओर ही कूदे, अगर पिछले हिस्से में कूदते तो बिना किसी को दिखे आसानी से भाग जाते।


पहले पत्थर ले धमकाया, फिर मांगने लगे माफी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आसपास के लोगों ने उन्हें दीवार कूदते हुए देखा। इसी दौरान स्टाफ क्वार्टर के सिपाही ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आ गए। तीन तो परिसर से भाग गए थे, लेकिन एक को सिपाही ने पकड़ लिया। वह भी छूटकर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान आसपास के लोग वहां पर पहुंचे और उसे पकड़कर सिपाहियों के हवाले कर दिया। इसके बाद तीनों का गाडिय़ों से पीछा किया। ग्रामीणों को अपने पास आता देख तीनों ने पत्थर उठा लिए और मारने की धमकी देने लगे। इसी दौरान एक युवक बोल पड़ा कि तीनों को फोड़ दो। इसके बाद आरोपियों ने पत्थर नीचे फेंक दिए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। तीनों को सिपाहियों और ग्रामीणों ने पकड़ा और जेल पर ले आए। इनको जेल पर लाने का एक वीडियो भी वायरल हुआ है।