
women learning driving
इंदौर। परिवहन विभाग एक बार फिर महिलाओं के ड्रायविंग प्रशिक्षण की शुरुआत करने जा रहा है। 35 महिलाओं को कार, ई-रिक्शा और जीप चलाना सिखाया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। इस काम में महिला बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मदद करने वाली हैं। कार्यकर्ता अपने संपर्कों से जरूरतमंद महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाएगी।
नि:शुल्क सिखाने की शुरुआत
नंदानगर स्थित डीटीआइ में तीस दिनी प्रशिक्षण अगले सप्ताह से शुरू होगा। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मुकेश जैन के निर्देश पर ड्रायविंग सिखाने की 6वीं बैच शुरू होने वाली है। यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर है, जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार, जीप, ई-रिक्शा आदि नि:शुल्क सिखाने की शुरुआत हुई। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया, महिलाओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस भी बनाकर दिए जाएंगे।
जनवरी 2021 से अब तक यह 6वां ट्रेनिंग प्रोग्राम है। अब तक करीब 15 से अधिक महिलाओं को निजी प्रयासों से नौकरी दिलाई गई है। आइटीआइ के प्रभारी अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि हर गरीब वर्ग और जरूरतमंद महिलाओं को हम प्रशिक्षण देना चाहते हैं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जा रही है, ताकि योजना से कोई अनभिज्ञ न रहें।
तकनीकी ज्ञान भी देंगे
30 दिन चलने वाली ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को स्टेयरिंग संभालने से लेकर टायर खोलना भी सिखाया जाएगा। महिलाओं को आइटीआइ में करीब 5 से अधिक ट्रेनर गाड़ी चलाना सिखाएंगे, साथ ही तकनीकी ज्ञान भी देंगे। ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरी तरह से एडवांस है। गाड़ी चलाने के अलावा वाहन में कितने पार्ट्स होते हैं, वे किस तरह से काम करते हैं, यह भी समझाया जाएगा।
Published on:
16 Jun 2022 03:31 pm
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