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देवी अहिल्या संस्था : विभाग ने रिकार्ड के लिए कम्प्यूटर को लिया कब्जे में

- जांच में रिकॉर्ड को लेकर हो रही थी परेशानी- वरीयता सूची 26 जनवरी के बाद ही हो पाएगी पूरी

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सहकारिता विभाग इंदौर कार्यालय

सहकारिता विभाग इंदौर कार्यालय

इंदौर. देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था की वरीयता सूची तैयार करने में सहकारिता विभाग को भी पसीने आ रहे हैं। संस्था के सदस्यों को लेकर आई आपत्तियों के चलते उनका रिकॉर्ड जांचा जा रहा है, वहीं संस्था के संचालकों के सहयोग नहीं करने की बात सामने आ रही है। जिसके चलते संस्था की वरीयता सूची की जांच कर रहे अफसरों ने संस्था का कम्प्यूटर अपने कब्जे में ले लिया है और उसमें मौजूद जानकारी का मिलान किया जा रहा है।

दिसंबर माह में सहकारिता विभाग ने संस्था की दो कॉलोनियों अयोध्यापुरी और श्रीमहालक्ष्मीनगर की ४२४६ सदस्यों की सूची जारी की थी। साथ ही इन सदस्यों की वरीयता सूची तैयार करने के पहले इन पर दावे आपत्ति बुलाए गए थे। इस दौरान 700 से ज्यादा दावे आपत्ति उन्हें मिले थे। जिनके मुताबिक सदस्यों की जांच की जा रही है। वहीं इस जांच में संस्थाओं के सभी सदस्यों की जानकारी विभाग ने मांगी थी, संस्था के दफ्तर में ही इसकी जांच भी की जा रही थी, लेकिन संस्था संचालकों और वहां के कर्मचारियों द्वारा उनका उस तरह से साथ नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में विभाग नेसंस्था का पूरा रिकॉर्ड जिस कम्प्यूटर में है उसे ही अपने कब्जे में लेकर अपने हिसाब से जांच शुरू कर दी है।

26 के बाद ही जारी हो पाएगी सूची

वहीं बताया जा रहा है कि संस्था की वरीयता सूची तैयार करने में संस्था की ओर से सहयोग नहीं मिलने के कारण उसमें लगातार देरी हो रही है। अभी संस्था की एक कॉलोनी की ही सदस्यता सूची की जांच पूरी तरह से नहीं हो पाई है। इसके चलते जांच का काम 26 जनवरी के बाद ही पूरा हो पाएगा। जांच के बाद इस सूची को प्रशासन के पास भेजा जाएगा, वहां से अनुमोदन के बाद ही इसे पूरा किया जा सकेगा।

संचालकों पर गाज के चलते बच रहे

वहीं सूत्रों की मानें तो संस्था के संचालकों की सदस्यता भी खतरे में हैं। ऐसे में संस्था के संचालकों को बचाने के लिए न तो संस्था के कर्मचारी और न ही अन्य संचालक सहयोग कर रहे हैं।

- चूंकी जांच की जा रही है और संस्था का रिकॉर्ड कम्प्यूटर में दर्ज है। जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसलिए कम्प्यूटर को अपने पास लेकर हम जांच कर रहे हैं।

- एमएल गजभिए, उपायुक्त सहकारिता