
Digital Arrest Case : साइबर पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद मध्य प्रदेश में साइबर अपराधी लगातार अपने पाव पसारते जा रहे हैं। जैसे-जैसे पुलिस इनकी तकनीकों का भांडाफोड़ कर रही है, वैसे-वैसे ये डिजिटलनए नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस बार इन डिजिटल जालसालों ने सूबे के आर्थिक शहर इंदौर में रहने वाले एक रिटायर्ड बैंक अफसर को अपना शिकार बनाया है। बदमाशों ने उन्हें दो दिन तक कैमरे की निगरानी में रखा और उनसे 40 लाख रुपए ऐंठ लिए। मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने इस डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है। माना जा रहा है कि इस वारदात में हरियाणा का गिरोह शामिल हो सकता है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमित सिंह ने बताया कि इस बार इन जालसाजों ने राकेश गोयल नाम के रिटायर्ड अफसर को अपना शिकार बनाया है। उनकी ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, वो बैंक के डिप्टी मैनेजर के पद से रिटायर हुए हैं। 11 जुलाई को अनजान नंबरों से कॉल आया । आरोपियों ने कोरियर में फर्जी पासपोर्ट, ड्रग्स की धमकी दी और उन्हें एप के माध्यम से कैमरे की नजर में रख लिया।
मनी लांड्रिंग केस का बोलकर उनके विरुद्ध कथित तौर पर जांच शुरू कर दी। बदमाशों ने 12 जुलाई को भी कैमरे की नजर में रखा। आरोपियों ने 39 लाख 60 हजार रुपये उनके खाते में जमा करवा लिए। मंगलवार को गोयल डीसीपी कार्यालय पहुंचे और उनके साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
वहीं, दूसरी तरफ एक अन्य युवक ने साइबर अपराधियों के खिलाफ 75 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने की शिकायत दर्ज कराई है। युवक को टेलिग्राम एप पर एक तरह के टास्क का झांसा देकर ठगी की गई है।
मामले को लेकर डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि फरियादी के पास एक लिंक आई थी। लिंक खोलने पर वो टेलिग्राम ग्रुप से जुड़ गया। आरोपियों ने टास्क, लाइक, सब्सक्राइब का झांसा दिया और कहा कि इसके बदले उसे रूपए मिलेंगे। आरोपियों ने पीड़ित को 2 हजार निवेश करने पर 2600 रुपये देने का लालच दिया। जालसाजों की बातों में उलझकर पीड़ित ने टास्क पूरा करने के नाम पर अलग-अलग बार में 75 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन, बाद में उसे खुद के साथ हुई ठगी का अहसास हुआ और उसने मामले की शिकायत दर्ज कराई।
Updated on:
17 Jul 2024, 9:54 AM IST
Published on:
17 Jul 2024, 9:52 AM IST
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