
Digital payment
इंदौर। शहर का 80 फीसदी व्यापार-व्यवसाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ गया है। 10 में से 8 दुकान, प्रतिष्ठन, स्ट्रीट वेंडर व अन्य प्लेटफॉर्म डिजिटल पेमेंट से जुड़ गए हैं। ईजी टू कैरी व टाइम सेविंग के रूप में इसका उपयोग बढ़ा है। पिछले दो सालों में शहर में व्यापार का ट्रेंड बदला है। फुटकर व्यापारी कारोबार लगभग पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है।
डिजिटल पेमेंट सेवा देने वाली कंपनियों की स्टडी में सामने आया कि शहर में जहां पर डिजिटल पेमेंट की सेवा शुरू हुई है, उन प्रतिष्ठानों, दुकानों, स्ट्रीट वेंडरों का व्यापार 20 फीसदी बढ़ा है। आने वाले दो सालों में शहर में 100 प्रतिशत डिजिटल पेमेंट शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियां भी तेजी से काम कर रही हैं। डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटल पेमेंट को सरकार बढ़ावा दे रही है। इससे डिजिटल पेमेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनियां बड़े स्तर पर काम कर रही हैं। वहीं, अब बैंकिंग सेक्टर भी सीधे इस सेवा को उपलब्ध करा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ सालों में शत-प्रतिशत डिजिटल करंसी सेवा प्रभावी रूप से चलन में आ जाएगी।
जिनके पास डिजिटल पेमेंट सुविधा उनका कारोबार बढ़ा
डिजिटल पेमेंट कंपनी के मैनेजर श्यामसिंह गौतम ने बताया, इंदौर में 80 फीसदी कारोबार डिजिटल मोड पर आ गया है। सबसे बड़ा बदलाव छोटे कारोबार में हुआ है। फुटकर व्यवसाय से जुड़े 80 फीसदी लोग इसे अपना रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि जिन कारोबारियों के पास डिजिटल पेमेंट की सुविधा है, उनका व्यापार 20 फीसदी ग्रोथ किया है। यह सुविधा सहज, सरल भाषा व आसान तकनीकी में उपलब्ध है। सरकारी सिस्टम के दायरे में होने से इसमें लोगों को फ्रॉड होने का डर भी नहीं है।
यूथ सबसे ज्यादा डिजिटल से जुड़े: डिजिटल पेमेंट सेवा से सबसे ज्यादा यूथ जुड़े हैं। हर एंड्रायड फोन पर डिजिटल पेमेंट की ऐप्लीकेशन है। नकदी नहीं रखते हुए सीधे बारकोड स्कैन कर वे पेमेंट कर रहे हैं।
अच्छे ट्रांजेक्शन पर लोन सुविधा भी
ऑनलाइन पेमेंट सेक्टर से जुड़े प्रफुल्ल कुशवाह ने बताया, ऑनलाइन पेमेंट कंपनियों ने कारोबारियों के लिए एक बड़ी सुविधा भी शुरू की है। इसमें जिन व्यापारियों व कारोबारियों का रोजाना का ट्रांजेक्शन अच्छा होता है, उनको कंपनी लोन भी दे रही है। इससे कारोबार भी बढ़ रहा है।
नकदी व छुट्टे पैसों की समस्या खत्म हुई
फुटकर व्यापारी नवीन सिंह ने बताया, ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा नहीं लेने पर कई ग्राहक चले जाते थे। एक साल से यह सुविधा ली है। इसके बाद से आवक दोगुनी हो गई है। कारोबार बढ़ गया है। सभी बारकोड की सुविधा मांगते हैं। इससे हमारी भी नकदी व छुट्टे पैसों की समस्या खत्म हो गई है।
डिजिटल पेमेंट से व्यापार और व्यापारी दोनों को फायदा हो रहा है। पैसे गिनने की समस्या खत्म हो गई। पेपर वर्क भी एक तरह से कम हो गया। दुकान से बड़ी राशि बैंक से ले जाने में सुरक्षा का खतरा था। अब यह समस्या भी दूर हो गई। थोक व खेरची व्यापार इससे तेजी से जुड़ा है। -रमेशचंद्र खंडेलवाल, अध्यक्ष, किराना मर्चेंट व्यापारी एसोसिएशन इंदौर
डिजिटल पेमेंट सुविधा से जुड़े कारोबारियों का व्यापार भी 20 फीसदी तक बढ़ा
ये हो रहे फायदे पहले बड़ी राशि एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में डर लगता था। अब सीधे चंद सेकंड में लेन-देन होता है। लोगों का समय भी बचा है। बैंक जाने का काम 70 फीसदी कम हो गया। लोगों का एटीएम भी जाना कम हो गया है।
Published on:
21 Mar 2023 05:33 pm
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