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होली के रंग में भंग : नहीं निकलेगा बाना, बजरबट्टू भी कैंसल

गेर पर असमंजस बरकरार आसान नहीं है एमजी रोड पर यात्रा

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होली के रंग में भंग : नहीं निकलेगा बाना, बजरबट्टू भी कैंसल

होली के रंग में भंग : नहीं निकलेगा बाना, बजरबट्टू भी कैंसल

इंदौर। सीएम शिवराजसिंह चौहान ने खुले मंच से घोषणा की है कि होली, रंगपंचमी पूरे उल्लास के साथ मनाएं। खूब गेर निकालें। छूट के बावजूद गेर निकाला जाना आसान नहीं है। परंपरागत मार्ग पर असमंजस बरकरार है। वहीं, होली पर निकलने वाला रंगारंग बाना और रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाला बजरबट्टू सम्मेलन नहीं होगा।

रंगपंचमी पर निकलने वाली रंगारंग गेर व बजरबट्टू सम्मेलन को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। कोरोना की वजह दो साल से कोई भी आयोजन नहीं हो रहा था। इस साल कोरोना की तीसरी लहर कुछ दिनों पहले ही खत्म हो गई है। अब बहुत कम मरीज आ रहे हैं। परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कल धूमधाम से होली मनाने और गेर निकालने की घोषणा कर दी। हरी झंडी के बावजूद आयोजनों पर असमंजस है।

दो बड़े कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं। होली पर भाजपा नेता जयदीप जैन रंगारंग बाना निकालते हैं तो राधाकृष्ण फाग महोत्सव मनाया जाता है। इस बार जैन ने आयोजन निरस्त कर दिया। ये बाना मल्हारगंज, गोपाल निवास चौराहा, टोरी कॉर्नर, गोराकुंड, खजूरी बाजार, सराफा, सीतलामाता बाजार, इतवारिया बाजार होकर निकलता था। एमजी रोड पर काम चल रहा है। उसके अलावा जैन की बेटी की कोरोना की दूसरी लहर में मौत हो गई थीं, वे ही कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाती थीं।

चौंकाने वाली बात ये भी है कि २०२० में कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने से पहले ही बाना निकल चुका था, जबकि गैर नहीं निकली थी। पंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाले बजरबट्टू सम्मेलन भी रद्द कर दिया है। आयोजक भूपेंद्र केसरी के मुताबिक एमजी रोड पर सड़क का काम चल रहा है जिससे स्मेलन से पहले होने वाली यात्रा नहीं
निकल पाएगी। स्थान बदले जाने पर भी विचार किया, लेकिन कार्यक्रम में माहौल नहीं बन पाएगा। परिस्थिति को
देखते हुए ये फैसला लिया गया है।

मार्ग पर माथा पच्ची

गेर पर असमंजस की स्थिति बरकरार है। आयोजक एमजी रोड से यात्रा निकालना चाहते हैं, लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सड़क का काम चल रहा है। टोरी कॉर्नर से राजबाड़ा के बीच में खुदाई की गई है। एमजी रोड के अलावा जवाहर मार्ग व सुभाष मार्ग भी है, लेकिन आयोजक किसी बवाल में पडऩा नहीं चाहते हैं। दोनों मार्ग संवेदनशील हैं। जवाहर मार्ग पर मुकेरीपुरा मस्जिद व बंबई बाजार है तो सुभाष मार्ग पर सफेद व काली मस्जिद है तो बड़वाली चौकी क्षेत्र भी आता है। यहां गेर को नियंत्रित करना आसान नहीं होगा।

हादसे को न्यौता

गेर के लिए निगम ने टोरी कॉर्नर से मल्हारगंज थाने तक दो लाइन खोद रखी है। एक लाइन बीच में है तो दूसरी सड़क किनारे है जो गहरी है जिसमें ड्रेनेज व स्टॉर्म वॉटर लाइन के चेम्बर व लाइन डाली जा रही है। निगम चाहे तो बीच की खुदाई को पाटकर गेर निकलने लायक मार्ग बना सकता है, लेकिन ड्रेनेज व स्टॉर्म वॉटर लाइन को पाटा नहीं जा सकता है। बैरिकेड लगाए जा सकते हैं जो मजबूत विकल्प नहीं हैं। गेर में धक्कामुक्की होती है। ऐसे में किसी के साथ कुछ हो गया तो हादसे का जिम्मेदार कौन होगा?