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अफसर ने बताया 650 बसें चल रही, महापौर बोलें इतनी बसें तो मैंने कभी नहीं देखी

- सिटी बस कार्यालय पहुंचे महापौर ने ली अफसरों से जानकारीमहापौर को नहीं बता पाए अफसर मॉनिटरिंग कैसे होती है- कागजों में ही होती है कंपनी की बोर्ड बैठक

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एआइसीटीएसएल अफसरों की बैठक लेते इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव

एआइसीटीएसएल अफसरों की बैठक लेते इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव

इंदौर. बेहतर संचालन के नाम पर कई पुरस्कार लेने वाली, इंदौर में लोक परिवहन के सरकारी साधन सिटी बस का संचालन करने वाली कंपनी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड में चल रही गड़बडि़यां सोमवार को महापौर के सामने आ गई। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के चैयरमेन और महापौर पुष्यमित्र भार्गव पद संभालने के बाद सोमवार को पहली बार यहां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अफसरों से बसों के संचालन से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान यहां मौजूद एआईसीटीएसएल के अफसरों ने बताया कि 650 बसें चल रही हैं। 650 बसों की बात सुनते ही महापौर भौचक्कें रह गए। उन्होंने सीधे अफसरों से पूछा 650 बसें कहां है ये कहां चल रही हैं, मैंने तो आज तक इतनी बसें नहीं देखी। इस पर अफसर उन्हें समझाते रहे कि कुछ सड़कों पर चल रही हैं, कुछ डिपो में खड़ी हैं। महापौर ने इस पर तुरंत ही कह दिया कि इतनी बसें तो मैंने 2012 के बाद से आज तक नहीं देखी। ये बसें कहां चल रही है, इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था क्या है, इस पर अफसर उन्हें गोलमाल जवाब देने की कोशिश करते रहे, जिस पर उन्होंने साफ पूछा कि मॉनिटरिंग की क्या व्यवस्था है। अफसरों ने उन्हें एक बोर्ड दिखाया जिसमें पांच छह जगह लाइट जल रही थी, अफसरों का कहना था कि यहां बसें चल रही है। इस पर महापौर ने पूछ लिया कि सभी 650 बसें कैसे दिखेंगी, इस पर तो गिनती के दिख रहे हैं और जो दिख रही है वो शहर में अभी कहां है ये कैसे पता चलेगा। इस पर अफसर कोई जवाब नहीं दे पाए।

महापौर एआइसीटीएसएल में परिचयात्मक बैठक के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने यहां बसों का संचालन, संधारण की व्यवस्थाओं के बारे में अफसरों से पूछना शुरू किया तो अफसर जानकारी देने से ही बचते रहे। वहीं इस दौरान बोर्ड बैठक को लेकर जब महापौर ने सवाल किया कि आखिरी बोर्ड बैठक कब हुई थी, तो अधिकारी पहले सितंबर का बोलते रहे लेकिन बाद में फरवरी की बात कही। इस पर महापौर ने पूछा सभी सदस्य शामिल हुए थे तो अधिकारियों ने बताया कि कागजों में ही बैठक हो गई थी। इस पर महापौर काफी नाराज हो गए। उन्होंने साफ कहा कि अब हर तीन माह में बैठक होगी और वो भी सभी आमने-सामनेे बैठेंगे और सारी जानकारी रखेंगे।

ये दिए निर्देश

- तत्काल प्रभाव से सभी बसों पर एआईसीटीएसएल हटाकर अटल बस सेवा लिखवाया जाए।

- दीपावली की घोषणा के हिसाब से नगर निगम के कर्मचारियों को पहचान पत्र दिखाने पर 50 फीसदी रियायत का मासिक पास बनाकर देना शुरू किया जाए।

- सभी वर्तमान बस स्टॉप पर रूट मैप और आने-जाने वाली बसों की जानकारी लगाई जाए।

- सिटी बसों के कारण यातायात कई जगह बाधित होता है। इसका ध्यान रखें। नए बस स्टॉप किसी भी हालत में चौराहों से 100 मीटर दूर बनाए जाएं।

- तत्काल प्रभाव से सभी बसों का प्रदूषण जांच करवाया जाए। यदि कोई गड़बड़ी है तो उसे सही करवाएं।

- सिटी बसों के कारण शहर में कहीं भी जाम न लगे, इसके लिए योजना बनाकर दें, और उसे तुरंत क्रियान्वित करने की व्यवस्था करें।

- बारौली टोल नाका पर बातचीत करके बसों की आवाजाही की व्यवस्था पहले के समान की जाए।

- प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए 5 इलेक्ट्रिक बसों पर ब्रांडिंग करने के साथ ही, शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की योजना बनाएं।

- बीआरटीएस कॉरिडोर एवं संभावित स्थानों पर प्रवासी भारतीय सम्मेलन की ब्रांडिंग की जाए।