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ज्ञान की प्राप्ति के लिए एकाग्र होकर मां सरस्वती की अराधना करें

माता सरस्वती हंस, मयूर और कमल पर विराजित हैं, जो निर्मलता, समृद्धि और विवेक का प्रतीक है।

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इंदौर

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Amit Mandloi

Jun 17, 2018

sarasvati mantra news

ज्ञान की प्राप्ति के लिए एकाग्र होकर मां सरस्वती की अराधना करें

- विद्यार्थियों ने ली सरस्वती बीज मंत्र दीक्षा

इंदौर. माता सरस्वती हंस, मयूर और कमल पर विराजित हैं, जो निर्मलता, समृद्धि और विवेक का प्रतीक है। ज्ञान ही हमें हमारा हक दिला सकता है, अज्ञानता हजारों कदमों से जहां नहीं पहुंचती वहां ज्ञान एक कदम में पहुंच जाता है, बस जरूरत है हमें सही दिशा और मार्ग की, जिससे हम अज्ञानता को दूर करते हुए ज्ञान के प्रकाश तक पहुंच सकें। विवेक सब में है बस इसे जागृत करने की आवश्यकता है। निरंतर अभ्यास करने से जीवन में श्रेष्ठतम शिखर पर पहुंचा जा सकता है। ज्ञान की प्राप्ति के लिए एकाग्र चित्त होकर मां सरस्वती की अराधना करें।
यह विचार नवकार परिवार द्वारा आयोजित सरस्वती साधना, अराधना के दिव्य आयोजन में जैनाचार्य हेमचन्दसागर सूरीजी म.सा. ने रविवार को सैकड़ों विद्यार्थियों की दीक्षा समारोह में व्यक्त किए। पश्चिम क्षेत्र स्थित सिद्ध स्थान हृींकारगिरी की तलहटी पर श्री नवकार सेवा सरस्वती वाटिका में रविवार को एक अनोखा आयोज विद्यार्थियों में संस्कृति, संस्कार और स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए नवकार परिवार द्वारा विशेष आयोजन किया गया। इसमें म.सा. के साथ आदीठाणा 14 साधु भगवंत की स्थिति के साथ 4 साध्विक भगवंत भी मौजूद थे। ललित सुराणा ने बताया, कार्यक्रम में 300 से ज्यादा 10 से 25 वर्ष के विद्याॢथयों ने सफेद कुर्ते-पजामे, सलवार कमीज पहनकर अपनी सहभागिता दी। सुबह 8:30 बजे शुरू हुए इस दिव्य आयोजन को निरंतर 4 घंटे की एकाग्र चित्तता के साथ 1:30 बजे तक चला जिसमें अहमदाबाद के विद्वान मंत्र साधक निकुंज भाई द्वारा सरस्वती अराधना के साथ बुद्धि कौशल, स्मरण शक्ति (माईण्ड पॉवर) को बढ़ाने के लिए जाप अनुष्ठान व ज्ञान मंत्रों की शिक्षा-दीक्षा दी गई वहीं निगेटिविटी को दूर कर पॉजिटीविटी के संचार के लिए विशेष प्रकार की साधना भी बताई गई। सभी विद्यार्थियों को साधना के लिए सरस्वती साधना यंत्र की कीट भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेन्नई सुरेश भाई गुलेचा थे। नवकार परिवार में इंदौर को संस्कार सिटी बनाने का संकल्प लिया। संचालन प्रवीण गुरु ने किया, आभार शरद शाह ने माना। सोमवार को साधु भगवंत सूरत एवं रतलाम के लिए होंगे।