63 साल में पहली बार दलित और आदिवासी को देश में मिली मानद उपाधि, इन्होंने बढ़ाया मान

डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने सौंपी

By: Kamal Singh

Published: 19 Nov 2016, 07:06 AM IST


डॉ. आंबेडकर नगर (महू). डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (ब्राउस) का पहला दीक्षांत समारोह शुक्रवार को हुआ।
जिसमें राज्यपाल ओपी कोहली ने 46 विद्यार्थियों के साथ केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत को डीलीट (डॉक्टर ऑफ लिटरेचर) व प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह को पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉस्फी) की मानद उपाधि दी।

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विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरएस कुरील के अनुसार देश में 63 साल बाद किसी दलित को मानद उपाधि मिली, 12 दिसंबर 1953 को डॉ. भीमराव आंबेडकर को हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने मानद उपाधि सौंपी थी। वहीं, किसी आदिवासी को देश में पहली बार यह उपाधि दी गई। समारोह में मंत्री गेहलोत ने कहा यह विश्वविद्यालय डॉ. आंबेडकर की सोच के अनुसार समाज में काम कर रहा, जिसकी आज के समय में सबसे ज्यादा आवश्यकता है।



मंत्री शाह ने कहा डॉ. आंबेडकर की ऊंचाइयों को नाप नहीं सकते। भाजपा की सरकार ने दलित व पिछड़ा वर्ग के लिए जो काम किए , जिसका नतीजा है कि समाज के बच्चे अच्छा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा शोधार्थियों को जो जिम्मेदारी सौंपी है, जिसका समाज में ईमानदारी से निर्वाहन करें। इससे पहले राज्यपाल ने आंबेडकर स्मारक पहुंचकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

 Dalits and tribals in the country received the honorary title
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