
Breaking : डॉ. रेणु जैन बनीं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की नई कुलपति
इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के नाम पर गुरुवार को मुहर लग गई। जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर की स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स की विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर रेणु जैन को डीएवीवी का नया कुलपति बनाया गया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि सरकार और राजभवन के बीच चल रही खींचतान के बीच सरकार बैकफुट पर आ गई थी। मंगलवार को सरकार ने पैनल की फाइल राजभवन को भिजवाई थी। राजभवन ने इस बार फाइल को ठंडे बस्ते में न डालते हुए सीधे गुजरात कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के पास पहुंचाया। 24 जून को धारा-52 लगने के बाद से अब तक कुलपति नहीं होने से हजारों छात्रों की डिग्री जारी होने सहित कई जरूरी काम अटके थे। सबसे बड़ी अड़चन सेल्फ फाइनेंस विभागों के प्रवेश की है। प्रमुख विभागों में प्रवेश के लिए सीईटी कराई थी, जिसमें तकनीकी गड़बड़ी से स्थिति बिगड़ गई थी।
जॉइनिंग होने तक नहीं तोड़ूंगा अनशन
डीएवीवी में कुलपति नियुक्त करने की मांग को लेकर अजय चौरडिय़ा 11वें दिन गुरुवार को भी यूनिवर्सिटी में आमरण अनशन पर डटे रहे। पहले दिन से उन्होंने अन्न त्याग रखा है। मंगलवार से पानी भी त्याग दिया। डॉ. रेणु जैन की नियुक्ति की घोषणा होने के बाद रजिस्ट्रार उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन उन्होंने कहा कि जॉइनिंग तक वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। उनकी तबीयत देखकर पुलिस ने उठाकर अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी।
नए कुलपति को निपटना होगा कई चुनौतियों से
कुलपति नियुक्ति का रास्ता साफ होने पर अफसरों ने भले ही राहत की सांस ली हो, लेकिन पद संभालते ही कुलपति को कई चुनौतियों से निपटना होगा। सबसे बड़ी चुनौती सीईटी का रास्ता निकालने की रहेगी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन सीईटी निरस्त कर सीधे मेरिट पर एडमिशन का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। अब तक इसका जवाब नहीं मिला है। कुलपति 15 (4) के तहत सीईटी निरस्त कर सकते हैं। दूसरी प्राथमिकता एक हजार से ज्यादा डिग्री पर साइन करने की है। करीब सवा माह से विवि एक भी डिग्री जारी नहीं कर पाई है। हर डिग्री पर कुलपति के ही साइन होंगे। एक माह में सैकड़ों फाइलें पेंडिंग हो गई हैं।
इन नामों पर चला दांव
डीएवीवी कुलपति के लिए शासन व राजभवन की सूची में ज्यादातर बाहरी दावेदारों को जगह मिली। इंदौर से एकमात्र प्रो. एसएल गर्ग का नाम सरकार ने पैनल में रखा। कुलाधिपति इनमें से किसी नाम पर सहमत नहीं हुई और राजभवन की ओर से सागर के जसवंत ठाकुर, ग्वालियर की रेणु जैन व जबलपुर के राजकुमार आचार्य के नाम की नई पैनल सरकार को भेजी।
Updated on:
25 Jul 2019 02:11 pm
Published on:
25 Jul 2019 02:01 pm
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