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5 साल पहले भी चुनाव के समय भाजपा- कांग्रेस ने किए थे ये वादे , अभी तक नहीं हुए पूरे !

वादे हैं वादों का क्या ? 5 साल में रटे-रटाए मुद्दे भी नहीं हुए पूरे

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मध्यप्रदेश चुनाव 2023

इंदौर। विधानसभा चुनाव के प्रचार का दौर शुरू हो गया है, उम्मीदवार बड़े बड़े वादे करने लगे है, कुछ अपने स्तर पर घोषणा पत्र की तैयारी कर रहे है। हालांकि जिस तरह के वादे किए जा रहे है, मुद्दें उठाए जा रहे है वह पहले के चुनावों में भी उठते रहे है। हर पांच साल में चुनाव आते है लेकिन मुद्दें अधिकांश पुराने ही रहते है, पहले के पूरे नहीं हो पाते है और नए सिरे से उन्हें लोगों के सामने रख दिया जाता है।

चुनावी दौर में कई बड़े बड़े वादें हो चुके है, इसमें स्पोट्र्स काम्प्लेक्स, कॉलेज बनाने की बातें शामिल है। पत्रिका ने पड़ताल की तो साफ हुआ कि पांच साल पहले भी इस तरह के वादें भाजपा, कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों के उम्मीदवारों ने भी किए थे। जो जीता उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और जो हार गया वह घर बैठ गया। अब फिर से सभी मैदान में आ गए है और वादें किए जा रहे है।

चुनाव में होते है इस तरह के मुद्दे व वादे

1. अवैध कॉलोनियों को वैध करना, मूल भूत सुविधाएं जुटाना।

अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन इस बीच अधिकांश विधानसभाओं में नई कॉलोनियोंं भी बस गई।

2. कान्ह नदी का शुद्धिकरण

स्थानीय स्तर पर कान्ह नदी के शुद्धिकरण को भी मुद्दां बनाया जाता है। कई विधानसभा से नदी गुजती है, करोड़ों खर्च हो चुके है। अब फिर से इसे मुद्दा बनाया जा रहा है।

3. बड़ा खेल मैदान व उच्च शिक्षण की व्यवस्था

अधिकांश उम्मीदवारों के भाषण में खेल व शिक्षा सुविधाओं के वादें हर चुनाव में होते है, इस साल भी हो रहे है लेकिन उस अनुपात में नई व्यवस्थाएं नहीं हुई।

4.ट्रैफिक जाम से निजात और मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण

ट्रैफिक शहर की बड़ी समस्या है। सड़क चौड़ीकरण के साथ ही ट्रैफिक जाम से निजात और पार्किंग की समस्या हल करने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग के वादें हर बार होते है, मूर्त रूप नहीं ले पाते।

5. फुटपाथ होंगे अतिक्रमण मुक्त, पैदल यात्रियों का हित होगा सुरक्षित।

चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवार पैदल यात्रियों की सुरक्षा के मुद्दें पर बात करते है। मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के दावे किए जाते है लेकिन स्थिति जस की तस रहती है। कई बार तो जनप्रतिनिधि के नाम से मुहिम रुक जाती है।

उम्मीदवार पांच मुद्दें बनाए, जीतने पर पांच साल में पूरा करें

विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उम्मीदवार को पूरी प्लानिंग से काम करना चाहिए। एक क्षेत्र के विकास के लिए पांच मुद्दें अहम होना चाहिए। उम्मीदवार चुनाव जीते तो पांंच साल में यह पूरा होना चाहिए। पहला मुद्दा होना चाहिए इंफ्रास्ट्रक्चर। इसमें सड़क,पानी, बिजली जैसे मुद्दे के साथ कन्वेंशन सेंटर, स्पोट्र्स काम्प्लेक्स जैसी सुविधा की प्लानिंग हो। दूसरी शिक्षा जिसमें एक आदर्श स्कूल और एक कोएड कॉलेज, तीसरा एक सर्वसुविधायुक्त 24 घंटे चालू रहने वाला सरकारी अस्पताल, चौथा युवाओं के रोजगार के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर और पांचवा ई लाइब्रेरी जैसी व्यवस्था ताकि विधानसभा के लोग आधुनिक तकनीक, इंटरनेट की जानकारी ले सके।- डॉ. मंगल मिश्र, राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर, शिक्षाविद।

अपने क्षेत्र का अध्ययन करें और फिर करें वादे

जनप्रतिनिधियों को अपने इलाके की जानकारी नहीं होती है और वे वादे पर वादे करते रहते है। कायदे से उम्मीदवार को अपनी विधानसभा का पहले सही तरह से अध्ययन करना चाहिए और फिर उस आधार पर वादें करें ताकि उन्हें पूरा किया जा सके। अभी बड़े बड़े वादें करते है और अधिकांश पूरे नहीं होते इसलिए हर बार चुनाव में एक जैसी बातें होती रहती है।- अतुल सेठ, आर्किटेक्ट।