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ई कॉमर्स कंपनी बेच रही जहर!

बच्चों की ऑनलाइन खरीदी पर दे ध्यान!

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ई कॉमर्स कंपनी बेच रही जहर!

ई कॉमर्स कंपनी बेच रही जहर!


इंदौर. यह खबर आपको हैरान कर सकती है। कई सारी ई कॉमर्स कंपनियांं जहर बेच रही है। पॉइजन सर्च करने पर लंबी फेहरिस््त सामने आ रही है। ऑनलाइन जहर का आर्डर करों तो कंपनी बिना कुछ पूछे ताछे 6 दिन में सामान घर तक पहुंचा देती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें युवक ने ऑनलाइन जहर बुलाकर आत्महत्या कर ली। अब परिवार कंपनी पर कार्रवाई के लिए आवेदन कर रहा है।
अमेजन पर जहर की खुलेआम बिक्री हो रही है। लोग घर बैठे सामान खरीदी के लिए ऑनलाइन ऐप का इस्तेमाल करते हैं, इसी ऐप पर पाइजन (जहर) लिखा जाए तो कई ऑप्शन खुल जाते हैं। जहर की एक बोतल 84 रुपए तो दूसरी 126 रुपए में उपलब्ध है। पाइजन पिल की भी उपलब्धता है। डिस्काउंट के साथ जहर बेचा जा रहा है। अन्य कई वेबसाइट पर भी जहर खुलेआम बिक रहा है। यहां किसी तरह की चेतावनी भी नहीं लिखी है। इसका मतलब है कि जो भी आर्डर कर भुगतान कर देगा, उसे अगले 5 से 6 दिन में जहर की डिलीवरी हो जाएगी, इसके बाद वह जो चाहे उस तरह से इस्तेमाल कर सकेगा। अन्य स्थानों पर भी जहर मिल रहा है। हालांकि पाइजन नाम से कुछ वेबसाइट पर अतर, परफ्यूम आदि सामान भी बेचा जा रहा है।

सल्फास अथवा अन्य जहर की बिक्री की अनुमति नहीं
खुले बाजार में मेडिकल व कृषि केंद्र में सल्फास व अन्य तरह का जहर मिल जाता है। नियमानुसार संबंधित व्यक्ति से इस्तेमाल करने का कारण पूछकर ही बिक्री की जा सकती है। गेहंू में रखने व खेत में इस्तेमाल करने वाले को ही यह बिक्री की जा सकती है। हालांकि ऑनलाइन में तो यह औपचारिकता भी नहीं निभाई जा रही है।

छह दिन में हुई जहर की ऑनलाइन डिलीवरी, खाने से युवक की मौत
छत्रीपुरा थाना क्षेत्र की लोधा कॉलोनी निवासी आदित्य वर्मा (१८) ने ऑनलाइन जहर खरीदा और उसे खाकर जान दे दी। घटना २९ जुलाई की है। मौत के बाद जब माता-पिता ने मोबाइल चेक किया तो इस बात का खुलासा हुआ। परिजन ने मामले में पुलिस में शिकायती आवेदन दिया है।

पिता की गुजारिश, रोक लगाएं ऑनलाइन बिक्री पर ताकि किसी की जान न जाए
पिता रंजीत ने बताया, आदित्य की ३० तारीख को मौत हुई थी। दो दिन बाद जब उसका मोबाइल देखा तो हमें जानकारी मिली कि उसने २0 जुलाई को जहर अमेजन साइट पर बुक किया था। 22 जुलाई को डिलीवरी होनी थी। पेमेंट न होने पर ऑर्डर कैंसल कर दिया था। इसके बाद 2२ जुलाई को दोबारा जहर मंगाया जो २८ को उसे मिला और उसने २९ तारीख की रात को खा लिया। रंजीत की गुजारिश है, इस तरह से कंपनियां गलत काम कर रही हैं। इस पर रोक लगाना जरूरी है। खाने-पीने और इस्तेमाल करने तक की वस्तुओं के लिए कंपनी ठीक काम कर रही हैं, लेकिन इस तरह से चायना मेड हथियार और जहरीली वस्तुओं के मामले में कार्रवाई जरूरी है। यदि मेरे बेटे को ये कंपनी जहर नहीं देती तो वह आज हमारे साथ होता।

जहर बेच नहीं सकते, जांच करेंगे
अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर का कहना है, मेडिकल स्टोर व अन्य दुकानों पर जहर बेचना प्रतिबंधित है। ऑनलाइन जहर नहीं बेचा जा सकता है। मामले में जांच करेंगे।

हमें शिकायत मिली है, जांच जारी है
हमें ऑनलाइन जहर की बिक्री की शिकायत मिली है, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।

पवन सिंघल, थाना प्रभारी छत्रीपुरा