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कांग्रेस नेता के भाई सुरेंद्र संघवी और भतीजे को ईडी ने दोबारा बुलाया, गिरफ्तारी की अटकलें, यह है अपडेट

इंदौर में पांच व मुंबई में एक जगह सर्चिंग, मनी लॉन्ड्रिंग केस में अन्य सहयोगियों के ठिकानों की भी जांच, सुबह फिर शुरू हुई पूछताछ...।

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इंदौर

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Manish Geete

May 12, 2023

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इंदौर। धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामलों इंदौर के जमीन कारोबारियों को निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह भी पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने एक दिन पहले सुरेंद्र संघवी, जेल में बंद दीपक जैन उर्म मद्दा के साथ उनसे जुड़े कुछ सहयोगी व अन्य लोगों पर दबिश दी थी। पूछताछ के बाद संघवी व उनके बेटे प्रतीक संघवी को छोड़ दिया गया था। लेकिन, सुबह इन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। शुक्रवार को सुबह इन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने पर इनकी गिरफ्तारी की अटकलें लगने लगीं, हालांकि इडी के अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। गौरतलब है कि कारोबारी सुरेंद्र संघवी इंदौर के कांग्रेस नेता पंकज संघवी के भाई हैं।

इस खबर पर अपडेट के लिए देखतें रहें patrika.com/indore-news/


ईडी की ये कार्रवाई सिम्प्लेक्स कंपनी के साथ ही मजदूर पंचायत और त्रिशला गृह निर्माण संस्था की जमीनों की खरीदी-बिक्री के संबंध में की गई थी। एमआर-10 पर मजदूर पंचायत की जमीन से लगी हुई त्रिशला गृह निर्माण संस्था की 15 एकड़ जमीन का सौदा मनीष शाहरा और उसकी कंपनी ने किया था। शाहरा की कंपनी का दफ्तर मुंबई में है। वहां पर भी ईडी की टीम ने सर्चिंग की। इंदौर और मुंबई में हुई इस सर्चिंग के दौरान बड़ी मात्रा में नकद राशि भी मिली है, जिसका देर रात तक हिसाब लगाया जा रहा था।

गुरुवार सुबह इंदौर के साथ भोपाल ईडी की टीम ने सर्चिंग शुरू की। बायपास स्थित संघवी के निवास के साथ गुलमोहर कॉलोनी में मद्दा के घर भी जांच की। एक अन्य समूह के मनीष शाहरा व अन्य सहयोगियों के ठिकानों की भी पड़ताल की। सर्च के दौरान ईडी अधिकारियों को काफी दस्तावेज हासिल हुए हैं। मद्दा जेल में है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि उसके ठिकानों से ईडी ने काफी जानकारी हासिल की। मामला मजदूर पंचायत संस्था से जुड़ी कॉलोनी और डायमंड पैलेस से जुड़ी जमीनोंं से जोड़ा जा रहा है। सुरेंद्र संघवी के घर उनके बेटे प्रतीक से भी पूछताछ की बात सामने आई हैै। अफसरों ने दोनों को एक जगह बैठाकर रखा, परिवार के लोग भी उनसे नहीं मिल पाए।

शाहरा के ठिकाने पर भी जांच

गौरतलब है कि अयोध्यापुरी कॉलोनी की जमीन के मामले में सुरेंद्र व प्रतीक संघवी आरोपी थे। दोनों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सुरेंद्र संघवी, दीपक मद्दा के साथ मनीष शाहरा के एबी रोड से लगे ठिकाने पर भी जांच हुई। शाहरा के साथ जमीन के सौदे के दस्तावेज सामने आने पर टीम उनके यहां पहुंची। एक कॉलोनी को लेकर मनीष चर्चा में रहा है। साथ ही एक जमीन के सौदे के मामले में शामिल नितेश नामक व्यक्ति के ठिकानों पर भी जांच की बात सामने आ रही है। मजदूर पंचायत संस्था की जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रहे हनी के ठिकाने पर भी पुलिस पहुंची। तेजपुर गड़बड़ी के पास वाले ठिकाने पर रात करीब 10 बजे तक सर्चिंग चलती रही।

आर्थिक लेन-देन के आधार पर बढ़ रही जांच

ईडी की जांच के दौरान कई जमीनों के सौदे से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। संदेहियों से जुड़े जमीन की खरीदी-बिक्री में शामिल हैप्पी, नीलू, लक्की, शैलेंद्र आदि भी रडार पर आ गए हैं। जमीन के सौदों में हुए आर्थिक लेन-देन के प्रमाण मिलने के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

दीपक के केस की दी जानकारी

पुुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर के मुताबिक, एक करोड़ से अधिक की आर्थिक गड़बड़ी के मामलों में ईडी को जानकारी दी जाती है। कुछ समय पहले दीपक मद्दा के खिलाफ दर्ज हुए केस की जानकारी दी गई थी। सर्चिंग के लिए ईडी ने पुलिस बल मांगा था, जो उन्हें दिया गया।

सभी अलग-अलग मामलों में उलझे

ईडी के निशाने पर आए सुरेंद्र संघवी, दीपक मद्दा उर्फ दीपक जैन आदि धोखाधड़ी के अलग-अलग केस में उलझे हुए हैं। सुरेंद्र संघवी, उनके बेटे प्रतीक संघवी पर एमआइजी थाने में केस दर्ज हुआ था, जबकि दीपक मद्दा पर एमआइजी, खजराना थाना में 6-7 केस दर्ज हैं। मनीष शाहरा के खिलाफ भी एक केस दर्ज होने की बात सामने आई है। ये जमीन की करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले हैं। बताया जा रहा है, एफआइआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद सर्चिंग की है।

प्रतीक व दीपक को भेजे थे समंस

ईडी भोपाल ऑफिस ने करीब सात महीने पहले प्रतीक सुरेंद्र संघवी, दीपक मद्दा को समंस जारी किए थे। इनसे इनकम टैक्स रिटर्न, परिवार के सभी लोगों के बैंक अकाउंट स्टेटमेंट व चल-अचल संपत्तियों की जानकारी मांगी गई थी। पुलिस एफआइआर में जिन लोगों पर केस दर्ज हैं, उन सभी पर ईडी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

पंकज संघवी कांग्रेस के बड़े नेता हैं और इंदौर से वे कांग्रेस के टिकट पर सांसद और महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इंदौर की कई कालोनियां सुरेंद्र संघवी ने काटी हैं इंदौर में एक के बाद एक कई जमीन घोटाले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने भूमाफिया की सूची तैयार की थी। इसमें ऐसे ही जमीन कारोबारियों के नाम शामिल थे।