
पहली बार डोर टू डोर सर्वे से जुड़ेंगे मतदाता सूची में सरनेम
इंदौर। भारत निर्वाचन आयोग पहली बार मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम के साथ सरनेम भी जोडऩे का अभियान शुरू कर रहा है। यह अभियान पूरे एक महीने चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर सरनेम जोड़े जाने का काम करेंगे। आयोग ने यह कदम डुप्लीकेट नामों की पहचान किए जाने के लिए उठाया है।
इंदौर जिले की मतदाता सूची में नौ विधानसभाओं में 25,99,445 मतदाता है। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 13,23,813 और महिला मतदाताओं की संख्या 12,75,543 है। इन मतदाताओं में जिन मतदाताओं के नाम के आगे सरनेम नहीं होगा, उन्हें जोड़ा जाएगा। इसके लिए बीएलओ को बकायदा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आयोग का मानना है कि सरनेम से एक जैसे मतदाताओं के नाम पहचानने में आसानी होगी। सॉफ्टवेयर भी आसानी से इन नामों की पहचान कर पाएगा। डुप्लीकेट या एक से अधिक जगह सूची में नाम जुड़े होने की जानकारी सामने आ जाएगी। अभी सॉफ्टवेयर एक जैसे नाम की पहचान तो कर लेता है, लेकिन सरनेम नहीं होने से कई बार दिक्कतें भी होती हंै। गलत नाम सूची से नहीं हटे इसी के लिए सारी कवायद की जा रही हैं।
16 मई तक चलेगा अभियान -जानकारी के अनुसार यह अभियान इंदौर जिले में 16 मई तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ मतदाता सूची लेकर डोर टू डोर जाएंगे। जहां मतदाताओं से उनके नाम के आगे सरनेम जोड़े जाने की कार्रवाई आयोग के निर्देशानुसार
पूरी करेंगे।
कार्ड का कई जगह हो सकेगा उपयोग सरनेम जुड़ा होने से यह कार्ड बहु उपयोगी हो जाएगा। अभी कार्ड में केवल नाम और पिता का नाम होता था। सरनेम (जाति नहीं) नहीं होने से इसका कई जगह, खासकर सरकारी दस्तावेज में उपयोग भी नहीं हो पाता था। सरनेम होने पर पासपोर्ट जैसे दस्तावेज में भी उपयोगी हो सकेगा।
Published on:
25 Apr 2023 11:35 am
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