
इंदौर। 23 दिन के एक नवजात को करंट दिया गया. उसे बिजली के झटके पर झटके देकर बचाया गया. नवजात का दिल एक मिनट में करीब 350 बार धड़क रहा था। उसकी हालत देखकर डाक्टर भी परेशान हो गए थे। उन्होंने दवाइयों से धड़कन नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर बच्चे को बिजली के झटके देकर धड़कन नियंत्रित की गई।
बच्चे का ईको और ईसीजी किया तो पता चला कि उसका दिल एक मिनट में 350 से भी ज्यादा बार धड़क रहा था- डाक्टरों के मुताबिक सामान्यत: इतने छोटे बच्चे की धड़कन नियंत्रित करने के लिए बिजली का झटका नहीं दिया जाता है लेकिन यहां निर्णय लिया गया। सनावद निवासी दंपती का 23 दिन के नवजात का वजन तीन किलो था। बच्चा लगातार रो रहा था और दूध नहीं पीता था। माता-पिता उसे इंदौर लेकर आए। यहां बच्चे का ईको और ईसीजी किया तो पता चला कि उसका दिल एक मिनट में 350 से भी ज्यादा बार धड़क रहा था।
सामान्यत: नवजातों के दिल की धड़कन 120 के आसपास रहती है। अत्यधिक धड़कन की वजह से हृदयाघात का खतरा बना हुआ था। लिवर और फेफड़ों में भी सूजन बनी हुई थी। जांच में पता चला कि बच्चा ऐसी बीमारी से ग्रसित है जिसमें दिल में विद्युत शार्ट सर्किट की तरह से शार्ट सर्किट हो जाता है। इसके चलते धड़कन कई गुना बढ़ जाती है। 25 हजार बच्चों में एक-दो को यह परेशानी होती है। डाक्टर्स के मुताबिक बिजली के झटके देने के बाद बच्चे की धड़कन नियंत्रित हो गई। अभी वह सामान्य है.
इतने छोटे नवजात शिशु मे DC शॉक थैरेपी का इंदौर में संभवतः यह पहला मामला- बच्चे के दिल की धड़कन को काबू करने और उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टर ने उसे DC शॉक लगाया। सनावद निवासी पूजा पटेल का नवजात अब पूरी तरह ठीक हो गया है. डॉक्टर्स के अनुसार इतने छोटे नवजात शिशु मे DC शॉक थैरेपी का इंदौर में संभवतः यह पहला मामला है।
Published on:
07 Feb 2022 07:54 am
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