
शहर में हर 15 मिनट में एक व्यक्ति हो रहा कुत्ते का शिकार
इंदौर.शहर में अप्रैल 2018 से जून 2019 तक 41414 लोग कुत्तों का शिकार हो चुके हैं। हालत यह है कि स्वास्थ्य विभाग को कुत्तों के शिकार लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के लिए विशेष स्टाफ की तैनाती करनी पड़ी है। औसत निकाला जाए तो 15 माह में 450 दिन होते हैं, जिनमें हर दिन 92 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया। इन 15 माह में जहां सितंबर 2018 में सबसे कम 1863 लोग शिकार बने, वहीं जनवरी 2019 में 3128 लोगों को कुत्तों ने काटा।
गौरतलब है कि नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी के लिए निजी कंपनी को ठेका दे रखा है, लेकिन कंपनी के द्वारा नियमानुसार काम नहीं करने के चलते सड़कों पर कुत्तों के शिकार होने वाले लोगों की संख्या कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि अब बच्चों ने कई कॉलोनियों में घरों से बाहर खेलना बंद कर दिया है, तो बुजुर्ग अकेले घर से निकलने में डरने लगे हैं। शहर की पाश कॉलोनियां हो या स्लम बस्तियां स्वास्थ्य विभाग के हुकमचंद पॉलिक्लिनिक में पूरे शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से मरीज पहुंच रहे हैं।
हुकमचंद पॉलिक्लिनिक के प्रभारी डॉ. आशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे अस्पताल में पिछले 15 माह में 41414 लोगों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए हैं, जो अप्रेल 2018 से जून 2019 तक के हैं। इनमें अप्रेल में 2592, मई में 2585, जून में 2285, जुलाई में 2198, अगस्त में 2076, सितंबर में 1863, अक्टूबर में 2432, नवंबर में 2360, दिसंबर में 2914, जनवरी में 3128, फरवरी में 2874, मार्च में 2903, अप्रेल में 2965, मई में 2748 ओर जून में 2588 लोगों को कुत्तों ने शिकार बनाया। हमने अस्पताल में सुबह 8 से शाम 4 बजे तक एंटीरैबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए अलग से स्टॉफ की ड्युटी लगा रखी है। कारण है कि कुत्तों के काटने वाले मरीज पूरे दिन में 90 से अधिक आते हैं। ऐसे में जहां डॉक्टर व मैं स्वयं इन मरीजों को देखता हूं, वहीं स्टॉफ इंजेक्शन लगाता है।
गौरतलब है कि इन दिनों एक बार फिर शहरभर में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। जिम्मेदार कारों में घुमते हैं, इसलिए उन्हें आम जनता की यह परेशानी दिखाई नहीं देती। जबकि हर माह नगर निगम लाखों रुपए नसबंदी पर खर्च कर रहा है, लेकिन नसबंदी हो भी रही है या नहीं परिणाम बता रहे हैं।
Published on:
21 Aug 2019 08:30 am

बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
