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665 किलोमीटर की पैदल चलकर ‘खाटू श्याम जी’ पहुंचेगा परिवार, महिलाएं-बच्चे भी शामिल

-अरबिंदो से होते हुए वे उज्जैन, आगर मालवा, सुसनेर, पाटन, झालावाड़, कोटा, मघईसागा पहुंचेंगे......

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Khatu Shyam Ji

इंदौर/ग्वाल चौक। शहर में एक ऐसे खाटू श्याम प्रेमी हैं जो इंदौर से खाटूश्याम तक की पैदल यात्रा करेंगे। सोनू यादव पिछले वर्ष भी खाटू धाम पैदल गए थे। यह उनका दूसरा वर्ष है। इस बार भी ग्यारस के बाद तेरस को यानी 16 जून से यात्रा प्रारंभ की है जो 7 जुलाई तक खाटू धाम पहुंचेगी।

बता दें कि यह यात्रा 665 किलोमीटर की है। इस यात्रा में उनके साथ 8 लोग हैं। इसमें से 2 बच्चे व 3 महिलाओं सहित 1 बालिका व 4 पुरुष हैं। ये सभी शहर के बड़ी ग्वालटोली के निवासी हैं। यात्रा की शुरुआत ग्वाल चौक श्री सांवरिया धाम मंदिर गवली धर्मशाला से की, जो खजराना के गणेश मंदिर होते हुए उज्जैन -कोटा सड़क मार्ग के रास्ते जयपुर पहुंचेगी। वहां से आगे रिंगज होते हुए खाटूधाम पहुंचेगी। ये निशान यात्रा प्रदीप यादव की स्मृति में निकाली जाती है।

बताया जाता है कि प्रदीप घर से खाटू श्याम जाने का कहकर गया था, लेकिन वह खाटू धाम नहीं पहुंच सका। अचानक से दिल का दौरान पड़ने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद घर के सबसे छोटे चाचा ने प्रण लिया कि उनकी इस अधूरी कामना को वे पूरा करेंगे। इसके चलते उन्होंने पिछले साल अपने बड़े भाई के साथ यात्रा की। अब वे इस साल भी अपने बड़े भाई के साथ इस यात्रा पर निकले हैं। इसमें वे शहर की खुशहाली के लिए भी कामना करेगें। साथ ही स्वच्छता का संदेश देते हुए थाली कटोरी का उपयोग करेंगे। साथ ही वे पॉलीथिन का उपयोग बिल्कुल भी नहीं करेंगे।

दो माह से चल रही थी तैयारी

इस यात्रा पर जाने वाले सभी लोग दो महीने से रोज 8 से 10 किलोमीटर पैदल घूम रहे थे ताकि उन्हें यात्रा पूरी करने में कोई परेशानी नहीं आए। इसके लिए वे योगा का भी कर रहे थे ताकि स्वास्थ्य ठीक रहे।

इन जगह से होते हुए जाएंगे

खाटू श्याम धाम के लिए अरबिंदो से होते हुए वे उज्जैन, आगर मालवा, सुसनेर, पाटन, झालावाड़, कोटा, मघईसागा पहुंचेंगे। इसके बाद वे जयपुर से रिंगज होते हुए खाटू श्याम पहुंचेंगे। इस दौरान वे सुबह से लेकर शाम तक 25 किलोमीटर से अधिक की यात्रा प्रतिदिन करेंगे। इसके बाद वे रात्रि में विश्राम लेंगे। अगले दिन आगे की यात्रा प्रारंभ होगी। इस तरह से वे 25 दिन में 665 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेंगे। इस बीच उनके साथ एक गाड़ी रहेगी, जिसमें उनका जरूरी सामान रखा रहेगा।