
इंदौर. शुक्रवार को डीपीएस स्कूल की बस और ट्रक में हुई दुर्घटना के लिए सरकार ने स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार माना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृहमंत्री की 24 घंटे की जांच रिपोर्ट में आए तथ्यों में स्पष्ट तौर पर डीपीएस स्कूल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है। हादसे के समय बस की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी इसके लिए स्पीड गवर्नर कंपनी पर भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। गृहमंत्री की ओर से डीआईजी इन्दौर को स्कूल प्रबंधन और स्पीड गवर्नर कंपनी पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
मृत ड्राइवर पर ही दर्ज किया केस
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने जांच के बाद देर रात मृत ड्राइवर को ही हादसे का दोषी मानते हुए उसके खिलाफ धारा 304 व 323 के तहत केस दर्ज किया है। कनाडिय़ा पुलिस के अनुसार बायपास के ब्रिज पर कल दोपहर चार बजे डीपीएस स्कूल की बस नंबर 27 (एमपी 09 एफए 2029) व ट्रक (यूपी 78 सीटी 7890) के बीच हुई भीषण भिड़ंत में चार बच्चों कृति, श्रुति, स्वस्तिक व हरमीत उर्फ खुशी की मौत के मामले में अलग-अलग मर्ग कायम किए थे।
बस को इतनी लापरवाही से चलाया कि ट्रक से जा टकराई
पांच मर्ग की जांच व बॉम्बे अस्पताल में भर्ती नौ बच्चों को फरियादी बनाकर कल रात 12.55 बजे कनाडिय़ा थाने पर मृतक बस चालक राहुल पिता रामलाल (30) निवासी कनाडिय़ा को इस दर्दनाक हादसे का दोषी करार दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल ने ये जानते हुए भी कि बस में स्कूल के बच्चे बैठे हैं, बस को इतनी लापरवाही से चलाया कि वो बस सड़क के बीच बने लगभग डेढ़ फीट के डिवाइडर को पार करते हुए सड़क की दूसरी तरफ अपनी साइड से आ रहे ट्रक से जा टकराई। जिसके परिणामस्वरूप बस में बैठे चार बच्चे व स्वयं आरोपी की मौत हुई व नौ अन्य बच्चे घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
बस दुर्घटना में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता प्रमोद द्विवेदी की और से एडवोकेट मनीष यादव ने याचिका दायर कर आरटीओ समेत स्कूल प्रबंधन पर कार्यवाही करने एवं स्कूलों पर कड़े दिशा निर्देश जारी किए जाने की मांग की है। इसमें केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग, सीबीएससी, डीपीएस प्रबंधन, आरटीओ इंदौर, कलेक्टर, कमिश्नर को पार्टी बनाया गया है।
याचिका में निम्न मांगे की गई हैं-
1 स्कूल बसें 5 वर्ष से अधिक पुरानी न हों
2 फीस पर नियंत्रण हो
3 बसों की स्पीड निर्धारित हो 40 किमी से अधिक न हो
4 प्रत्येक बस में 2 महिला 2 पुरुष अटेंडर हों
5 सीट बेल्ट हो एवं केबिन में किसी बच्चे को न बिठाया जाए
Updated on:
06 Jan 2018 02:28 pm
Published on:
06 Jan 2018 02:20 pm
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