
इंदौर. देश के 63 वर्ष पुराने और प्रतिष्ठित फ्लाइंग क्लब में शुमार एमपी फ्लाइंग क्लब का एरोड्रम स्थित ट्रेनिंग सेंटर बंद होने के कगार पर है। इसे भविष्य में सिर्फ बेस ऑफिस की तर्ज पर इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। इंदौर से करीब 9 विमानों द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग बंद होने के बाद प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग के लिए भोपाल शिफ्ट किया जाएगा। इंदौर से होने वाली ट्रेनिंग भी भोपाल से ही जाएगी। यहां अधिकतम 50, वहीं भोपाल में 40 प्रशिक्षु ट्रेनिंग लेते हैं।
इंदौर स्थित एमपी फ्लाइंग क्लब के ट्रेनिंग सेंटर को डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने 20 मार्च 2020 तक सेवाएं संचालित करने की अनुमति दे रखी है। 25 मार्च से देवी अहिल्या एयरपोर्ट 24घंटे खुला रहने से लगातार उड़ानों का आना-जाना लगा रहेगा। एेसे में क्लब द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग व प्रैक्टिस में खलल पडऩे की आशंका है। इसे देखते हुए क्लब द्वारा इंदौर के ट्रेनिंग सेंटर को भोपाल शिफ्ट करने के बारे में निर्णय लिए जाने के संकेत मिले हैं
क्लब के चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मंदार महाजन ने बताया, इंदौर में उड़ानों की संख्या बढऩे से क्लब द्वारा प्रैक्टिस व ट्रेङ्क्षनग करवाना मुश्किल हो जाएगा। इसे देखते हुए भोपाल से ही ट्रेनिंग दी जाएगी। भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या कम होने से प्रशिक्षुओं को प्रैक्टिस के लिए खासा समय मिलेगा।
1955 में शुरू की ट्रेनिंग, सेना को दी थी मदद
क्लब की शुरुआत 9 अक्टूबर 1951को हुई थी। अगस्त 1955 से क्लब द्वारा ट्रेनिंग देना शुरू की गई थी। 1958 से 1982 के बीच 24 वर्षों तक क्लब का संचालन मप्र शासन द्वारा किया गया। वर्ष 1962 की लड़ाई के दौरान क्लब द्वारा भारतीय वायुसेना के पायलटों को भी ट्रेनिंग दी गई थी। 1971 की लड़ाई में भी अपने विमान व रखरखाव संबंधित सेवाएं देकर सेना की मदद की थी। वर्ष 1958 में क्लब ने भोपाल में अपना सैटेलाइट बेस सेंटर शुरू किया, जहां प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग के साथ ही प्रदेश सरकार को भी हवाई सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है।
Published on:
04 Mar 2018 09:35 am
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