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VIDEO : गैंगस्टर बनने के लिए चलाई गोलिया, हत्याएं की, पुलिस में इतने केस दर्ज

गैंगस्टर बनने के लिए चलाई गोलिया, हत्याएं की, पुलिस में इतने केस दर्ज

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इंदौर

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Reena Sharma

Apr 05, 2019

INDORE

VIDEO : गैंगस्टर बनने के लिए चलाई गोलिया, हत्याएं की, पुलिस में इतने केस दर्ज

इंदौर. शहर में गोली चला सनसनी मचाने वाला बदमाश अंकित शर्मा क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। गैंगस्टर बनने के लिए उसने एक के बाद एक अपराध किए। जहां गोली चलाई, उनसे पुराना विवाद था।

एसपी मुख्यालय अवधेश गोस्वामी ने बताया, टीम ने खुड़ैल के ग्राम थुलेट से अंकित शर्मा (32) निवासी चंद्रभागा को गिरफ्तार किया। धुलेट उसका पैतृक गांव है। स्थानीय रिश्तेदार, दोस्तों व कुछ बदमाशों ने फरारी के दौरान उसकी मदद की। उसके पास से 27 किलो 700 ग्राम गांजा कीमत साढ़े सात लाख रुपए जब्त हुए। खुड़ैल पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया। अंकित पर तीस हजार रुपए का इनाम था। उसकी चंदन नगर, जूनी इंदौर व लसूडिय़ा पुलिस को तलाश थी। अंकित पर लूट, डकैती, हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट सहित 15 केस दर्ज है। उसका भाई अंकुर सेंट्रल जेल भोपाल में हत्या व डकैती मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। अंकित भी वर्ष 2008 में जूनी इंदौर इलाके में बैंक कैशियर की हत्या कर डकैती मामले में पांच साल जेल में रह चुका है। उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। प्रॉपर्टी ब्रोकर के साथ इंटीरियर डिजाइनिंग का काम भी करता था। वह नशे की गोली, गांजा, अफीम का नशा करने के साथ अपने साथियों की मदद से इन्हें बेचता भी था। फरारी के दौरान वह उज्जैन, देवास, देपालपुर, महू, बावलिया, खुड़ैल इलाके में रहा। ग्रामीण इलाके में गांजा बेचकर खर्च पूरे कर रहा था। खुड़ैल पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। उसके बाद अन्य थाने वाले भी उसकी गिरफ्तारी लेंगे। भागने की कोशिश में अंकित के पैर में चोट आई।

बताते हैं हरप्रीत ने अंकित की मां को गालियां दे हाथ मरोड़ दिया था। इसी का बदला लेने के लिए वह साथी कृष्णा व मोहित के साथ पहुंचा। अंकित के दोस्त अस्सू, अरसलान ऑटो डील चलाते हैं। उनसे हरप्रीत वसूली करता है व धमकाता है। इसी के चलते हरप्रीत को धमकाया। हरप्रीत की लसूडिय़ा में प्लॉट पर खड़ी आठ गाडिय़ों के कांच फोड़ दिए। दो बार चंदन नगर में कांग्रेसी नेता गोलू अग्रिहोत्री के पेट्रोल पंप पर गोली चलाई। अंकित के पिता इसी पंप पर काम करते थे। उनकी मौत के बाद अंकित को यहां नौकरी नहीं मिली तो उसने वारदात की। वहीं ये भी पता चला कि अंकित के दोस्त रोहित को रितेश से उधारी के १५ हजार रुपए लेने थे। रितेश का पंप पर बैठना था। साथ ही उसे फारुख नामक युवक से एक मकान बिकवाने के एवज में साढ़े तीन लाख रुपए लेने थे। फारुख का भी पंप पर बैठना था।

दवा बाजार से लेता था नशे की गोलियां

पूछताछ में अंकित ने बताया वह सतीश भाऊ की तरह गैंगस्टर बनना चाहता था। उससे जुड़े कुछ लोगों के साथ वह काम भी कर चुका है लेकिन कभी सतीश से उसकी मुलाकात नहीं हो पाई। सतीश की तरह वह गिरोह बनाना चाहता था, इसलिए लगातार वारदातें कीं। नशे की गोलियां वह दवा बाजार से लेता था साथ ही गांजा, अफीम वह मंदसौर से लाकर बेचता। धार के सिकलीगर से उसने पिस्टल खरीदी थी। नशे व हथियार को लेकर पुलिस उससे जानकारी लेकर कार्रवाई करेगी।