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पैकेट बंद दूध में मिलाया था ‘काला पानी’ इकलौते मासूम की मौत, मां का रो-रो कर बुरा हाल

Indore News: इंदौर में आज एक और मौत के बाद दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। इस बीच एक खौफनाक मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं, मन्नतों और प्रार्थनाओं के बाद 6 महीने पहले जन्मे इकलौते बेटे की दूषित पानी वाला दूध पीने से मौत हो गई, परिवार में कोहराम मचा है... शादी के 11 साल बाद मिल थी खुशियां...अचानक लूट गईं...

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Indore News hindi innocent death

Indore News hindi innocent death(इनसेट: 6 महीने का मासूम अव्यान, तस्वीर में बेटी किंजल भाई का फोटो दिखाती हुई, उसके पास बेठी मां साधना का रो-रोकर बुरा हाल) (photo: patrika)

Indore News: ध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 मौतें हो चुकी हैं। किसी ने पिता को खोया, किसी ने मां को, किसी की दादी चल बसी तो किसी के सिर से उठा बाबा का साया। कभी न भुला पाने वाले इस दर्द के बीच एक और घटना ने दिल दहला दिया। यहां एक मां ने अपने कलेजे के टुकड़े इकलौते बेेटे को भी खो दिया। जिम्मेदारों की लापरवाही ने इस मां की गोद को सूना कर दिया।

शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इनके परिवार जिस दर्द से गुजर रहे हैं, उसे कल सब भूल जाएंगे लेकिन, प्रभावित परिवारों का दर्द पीढ़ी दर पीढ़ी याद आएगा। कभी न मिटने वाला ये दर्द एक मां को भी मिला है, जिसने अपने 6 माह का बेटा जिम्मेदारों की लापरवाही की गर्त में खो दिया।

मन्नतों से हुआ था अव्यान

प्राइवेट जॉब करने वाले सुनील साहू ने बताया कि अव्यान उनका इकलौता बेटा था। वह मन्नतों और मुरादों प्रार्थनाओं के बाद घर-परिवार की खुशी बनकर आया था। पहले से उनकी एक बेटी है। उसके जन्म के 10 साल बाद उन्हें दूसरी संतान की खुशी मिली थी। वो इकलौता बेटा आज दुनिया से चला गया।

पैक्ड दूध में मिलाकर पिलाते थे पानी

पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक भागीरथपुरा की सब्जी मंडी के पास रहने वाले सुनील साहू का कहना है कि बच्चा बिल्कुल स्वस्थ हुआ था। उसे कोई बीमारी भी नहीं थी। सुनील ने बताया कि उनकी पत्नी अव्यान को दूध नहीं पिला पाती थी। इसलिए डॉक्टर ने उसे पैकेट वाले दूध में थोड़ा पानी मिलाकर दूध पिलाने को कहा था। जिसके बाद वह उसे पैकेट वाला दूध पानी मिलाकर पिलाते थे।

दूषित पानी की नहीं थी जानकारी, कोई चेतावनी जारी नहीं की गई

सुनील का कहना है कि उन्हें दूषित पानी की जानकारी नहीं थी। पूरा मोहल्ला नर्मदा के पानी की सप्लाई वाले पानी का ही इस्तेमाल कर रहा था। कोई एडवायजरी जारी नहीं की, कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई। लेकिन हम फिर भी बच्चे के दूध में पानी छानकर, फिटकरी मिलाकर साफ करके उसे पिलाते रहे। सुनील ने बताया कि उसी दूषित पानी वाले दूध से अचानक उसे बुखार आया और दस्त शुरू हो गए। इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। रविवार रात उसकी तबीयत इतनी बिगड़ी कि उसे अस्पताल लेकर जाना पड़ा उसे भर्ती कर लिया गया, सोमवार सुबह वह हम सबको रोता छोड़कर इस दुनिया से चला गया।

मां का रो-रोकर बुरा हाल

आंखों में आंसू और भरे गले से मां साधना बोली-अव्यान को दस्त-उल्टी के बाद निजी क्लीनिक में दिखाया था। दवा लगातार दे रही थी। 29 दिसंबर की रात में वह रोने लगा। उसे अस्पताल ले गए, पर रास्ते में ही सांसें टूट गईं। कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है। गाय के दूध में पानी मिलाकर पिलाते थे। उल्टी-दस्त लग गए थे। दर्द की दासतां सुनाते साधना फफक कर रो पड़ी। सुनील का कहना है कि मां की हालत देखे नहीं जा रही है। रो रो कर उसका बुरा हाल है।

यहां सिर से उठा पिता का साया

इंदौर में दूषित पानी पीने से कई परिवारों में बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। आनंद ने बताया, 10 दिन पहले पानी की मेन टंकी में दवा दी गई। 18 दिसंबर को पिता जीवन बरेडे की तबीयत बिगड़ी। अरबिंदो अस्पताल ले गए। 28 दिसंबर को मौत हो गई, अन्य सदस्य भी पीड़ित हैं।

अस्पताल में 3 दिन बाद मौत भागीरथपुरा के अशोक पवार की 25 दिसंबर को उल्टी दस्त से मौत हो गई। बेटे रवि ने बताया, 3 दिन से बीमार थे। 23 दिसंबर को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए।

इमलीगली के शंकर भाया (70) की 31 दिसंबर को क्लॉथ मार्केट अस्पताल में मौत हो गई। बिहार से बेटे से मिलने भागीरथपुरा आई सुमित्रा देवी (50) की मौत 21 दिसंबर को उल्टी-दस्त से हुई।