
घरों-गार्डन में छा रही विंटर फूलों की रौनक, धूप और हर 20 दिन में जैविक खाद जरूरी
इन प्लांट्स की बढ़ जाती है किस्में
डहेलिया की करीब 50 से अधिक प्रजातियां बढ़ जाती हैं। यह सबसे ज्यादा लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। लाल के साथ यह नीला, पीला, गुलाबी, बैंगन के साथ अन्य कई रंगों में मिलता है।
गुड़हल की वैरायटी कई रंगों में मिल रही है। सर्दियों में प्रजातियों की संख्या 7 से 8 हो जाती है।
सर्दियों में गुलदाउगी की 30 से अधिक प्रजातियां मिल रही हैं।
ट्यूलिप के प्लांट्स भी सिटी नर्सरी में बड़ी मात्रा में पसंद किए जा रहे हैं। ट्यूलिप की 10 से अधिक प्रजातियां शहर में हंै।
गुलाबों का रंग भी खास हो जाता है। इसके चलते शहर में गुलाबों की 20 से अधिक किस्में मिल रही हैं।
सर्दियों में आते हैं कई खूबसूरत प्रजाती के फूल
प्रगति विहार में रहने वाले अंशुल सकलेचा बताते हैं कि फूलों की बात हो और गुलाब को भूल जाएं ये तो नामुमकिन है। गुलाब, कामनी, मोगरा, परिजात, कनेर, गुडहल, रातरानी, सहित सभी फूलों के पौधे सर्दियों के मौसम में आसानी से लग सकते हैं। ये सभी पौधे ज्यादातर कटिंग से आसानी से उग जाते हंै। इन पौधों को अक्टूबर के महीने में कटिंग पौधे से उगाना काफी सरल होता है। इसके अलावा कैलेंडुला भी लगा सकते हैं, इसे आमतौर पर पॉट मैरीगोल्ड के रूप में जाना जाता है। यह नारंगी और गहरे पीले रंग का होता है।
ऐसे लगाएं पौधे
सामान्य गार्डन की मिट्टी, 20त्न गोबर/ कम्पोस्ड खाद, 20त्न रेत या चिकनी मिट्टी मिला लें और इस मिट्टी को अपने गमलों में भरकर प्रयोग कर सकते हंै। मिट्टी तैयार करने के 24 घंटे बाद आप मिट्टी में बीज या फिर पौधे को लगाएं।
Published on:
21 Jan 2022 07:19 pm
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