
Good News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से मानवता की मिसाल पेश करने का मामला सामने आया है। जहां 71 वर्षीय महिला के निधन के बाद उनके शरीर को मेडिकल कॉलेज में डोनेट कर दिया गया। नौ महीने पहले पति की मौत भी हो गई थी। जिसके बाद उनकी बॉडी को भी डोनेट कर दिया गया था। दोनों पति-पत्नी की इच्छा थी कि उनके शरीर को डोनेट कर दिया जाए।
71 वर्षीय वंदना वाधवानी के निधन के बाद बेटे जयेश ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंतिम दर्शन किए। जयेश का कनाड़ा में कुछ दिन पहले एक्सीडेंट हो गया था। जिसमें वह बुरी तरह घायल हुआ था। जिस वजह वह कनाडा से इंदौर नहीं आ पाया। मां के निधन के बाद शरीर को डोनेट करने की जानकारी दी गई। जिसपर बेटे और बेटी दोनों ने सहमति जताई।
दरअसल, वंदना वाधवानी मनोरमागंज में रहती थी। अचानक 17 जनवरी को उनकी तबियत खराब हो गई थी। जिसके बाद अस्पताल ले जाते वक्त ही उनका निधन हो गया। डॉक्टरों ने जानकारी दी कि कार्डियक अरेस्ट आया था।
इस दौरान मृतिका की भाभी डॉ मोना ने बताया कि पति-पत्नी दोनों सामाजिक और धार्मिक थे। पति के निधन के बाद वंदना की इच्छा थी कि उस शरीर को भी पति की तरह ही डोनेट की जाए। वंदना की बॉडी को एमजीएम मेडिकल कॉलेज, दोनों आंखें एमके आई बैंक और स्किन को चोइथराम स्किन बैंक को दी गई हैं।
वंधना की देह दान से पहले परिवार ने अंतिम रस्में पूरी की। इसके बाद पंडित की उपस्थिति में मुक्तिधाम में विधि-विधान से कंडे जलाए गए, परिक्रमा की गई और दिवगंत आत्मा को शांति देने के लिए प्रार्थना की गई। सोमवार को गीता भवन में वंदना वाधवानी का उठावना हुआ। अब अगले हफ्ते 12 वीं रस्म पूरी की जाएगी।
Updated on:
20 Jan 2025 08:40 pm
Published on:
20 Jan 2025 08:38 pm
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