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इंदौर. एक्स-रे सहित अन्य जांच व उपचार में विकिरण का इस्तेमाल करने वाले शासकीय व निजी अस्पतालों में एटॉमिक एनर्जी रेग्यूलेरटरी बोर्ड (एआरबी) मुंबई की गाइड लाइन व रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएमएचओ और सिविल सर्जन को दिए हैं।
इस संबंध में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मप्र की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। परमाणु ऊर्जा विकिरण सुरक्षा नियम 2004 के तहत हर अस्पताल जहां एक्स-रे या अन्य विकिरण का उपयोग किया जाता हैं, उन्हें परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के नियमों का पालन और रजिस्ट्रेशन किया जाना जरूरी है। इस पत्र में कहा गया है कि जिला अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल व केंद्रों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मापदंडों का कहीं भी उल्लंघन नहीं हो। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरूद्ध पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इस पत्र में कहा गया है कि एक्स-रे कक्ष में नान-टाइप मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, वहां लेड एप्रन, मोबाइल बैरियर, वार्निंग लाइट्स, एक्स रे कक्ष के भीतर की दीवारों पर लेड लाइनिंग और टीएलडी बैच का उपयोग अनिवार्य है। परमाणु ऊर्जा विकिरण सुरक्षा नियम 2004 के तहत हर अस्पताल जहां एक्स-रे या अन्य विकिरण का उपयोग किया जाता हैं, उन्हें परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। इस पत्र में कहा गया है कि जिला अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल व केंद्रों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मापदंडों का कहीं भी उल्लंघन नहीं हो। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरूद्ध पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया जाना चाहिए। एईआरबी की वेबसाइट पर फिलहाल नि:शुल्क पंजीयन हो रहे हैं। अधिकारियों को सभी संस्थाओं के पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में एआरबी की टीम मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दौरा कर सके।
Published on:
30 Oct 2019 07:57 pm
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