
इंदौर. मध्यप्रदेश में हजारों लोगों की तुरंत सरकारी नौकरी लग सकती है. जनजातीय विभाग ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अटका रखी थी लेकिन अब लिस्ट जारी करने की बात कही जा रही है. इसके लिए शिक्षक चार साल पहले हुई पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं. इनमें से कई उम्मीदवारों को शिक्षा विभाग के स्कूलों में तो जॉइनिंग मिल गई है, लेकिन जनजातीय विभाग ने अब तक अपने स्कूलों में जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं की है.
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) और जनजातीय विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए पीईबी ने संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। 30 हजार पदों के लिए 2018 में यह परीक्षा आयोजित की गई. विभाग के स्कूलों में कुल 7904 चयनित शिक्षकों को नियुक्ति दी जाना है। इनमें 20 जिलों में हायर सेकंडरी के 2200 और मिडिल स्कूल के 5704 पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां होना हैं।
चार साल बाद प्रदेशभर के स्कूलों में उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षकों की फाइनल चयन सूची जारी करने के साथ ही डीपीआई ने तो स्कूल अलॉटमेंट एवं नियुक्ति शुरू कर दी, लेकिन जनजातीय विभाग में कुछ नहीं हुआ. विभाग में फाइनल चयन सूची और स्कूल अलॉटमेंट की प्रक्रिया कब शुरू होगी, अभी तक यह ही तय नहीं है।
इधर चयनित शिक्षक परेशान हो रहे हैं. चयनित शिक्षकों का कहना है कि विभाग के अधिकारी उचित जवाब ही नहीं दे रहे हैं। विभाग के रवैये से चयनित शिक्षकों में निराशा बढ़ती जा रही है। इस संबंध में मप्र के आदिम जाति कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल ने बताया कि चयनित शिक्षकों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। लिस्ट की जांच अंतिम दौर में है। एक दो दिन में लिस्ट जारी हो जाएगी।
Published on:
11 Nov 2021 08:56 am
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