
जज्बा ऐसा कि सरकारी स्कूलों को बना दिया अंग्रेजी मीडियम
संजय रजक.
कोरोना में जब निजी स्कूलों ने ट्यूशन फीस के नाम पर वसूली जारी रखी तो पालकों के सामने अंग्रेजी माध्यम में बच्चों को पढ़ाना चुनौती हो गया। ऐसे में एक व्याख्याता ने संकुल से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक प्रयास किया और आखिरकार सरकारी स्कूलों को ही अंग्रजी मीडियम में बदल दिया। दरअसल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में किया जाता है, लेकिन महूगांव स्थित कन्या उच्चर माध्यमिक विद्यालय को अंग्रेजी मीडियम स्कूल बनाने में विभाग नहीं बल्कि एक व्याख्याता का हाथ है।
वर्षो तक उत्कृष्ट विद्यालय महू में पदस्थ रहे गणित के व्याख्याता रहे शैलेंद्र झोपे ने बताया कि जून 2020 मं कन्या उमावि महूगांव में ट्रंासफर हुआ था। उस समय कोरोना काल चल रहा था। यहां आने पर पता चला कि कई विद्यार्थी अंग्रेजी मीडियम में पढऩा चाहते है, लेकिन आर्थिक स्थित खराब होने के कारण महंगे स्कूलों में प्रवेश नहीं ले पा रहे है। इसके मैंने इस स्कूल को अंग्रेजी मीडियम में करने के लिए प्रयास शुरू किए। संकुल से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक गए। 2020-21 में मौखिक अनुमति के बाद हमने कक्षा ९वीं में अंग्रेजी मीडियम का प्रवेश शुरू किया, जिसमें 9 एडमिशन मिले। अगस्त 2021 में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की अनुशंसा पर हमे अंग्रेजी माध्यम की मान्यता भी मिल गई। इस बार 9वीं में 31 विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया है। अब कुल 40 विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ रहे है। व्याख्याता झोपे ने बताया कि सभी शिक्षक पहले खुद घर पर नोट्स बनाते है और सिलेबस की तैयारी करते है, इसके बाद कक्षाएं लेते है।
सामाजिक संस्थाओं से जुटा रहे संसाधन
स्कूल प्राचार्य देवेंद्र कुमार रामिश ने बताया कि स्कूल तो अंग्रेजी मीडियम हो गया है। लेकिन अब संसाधनों की कमी है। एक संस्था ने सभी क्लासरूम के लिए ग्रीन बोर्ड उपलब्ध कराए है। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी फर्नीचर की है। इसके लिए हम सामाजिक संस्थाओं से चर्चा कर रहे है। इसके अलावा भी कई संसाधन जुटाए जाना है।
क्लास रूम और शिक्षक दोनों ही कम
स्कूल में 8 क्लास संचालित करने के लिए कमरे बने हुए है। लेकिन अंग्रेजी मीडियम होने के बाद अब यहां 16 कक्ष की जरूरत है। फिलहाल हम पास ही की प्रायमरी स्कूल के कमरों का उपयोग कर रहे है। इसके अलावा वर्तमान में यहां 10 शिक्षक और 5 अथिति शिक्षक है। 2 अन्य शिक्षकों की जरूरत भी है।
Published on:
05 Sept 2021 11:04 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
