MP News: पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एआइसीटीएसएल लोक परिवहन को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने के लिए डीजल बसों को हटाकर ई बसों का चलन बढ़ा रहा है।
MP News: एक कंपनी ने आर्थिक संकट के कारण हाथ खड़े किए तो करीब 180 सिटी बसें सड़क से बाहर हो गई और लोक परिवहन के संकट की स्थिति बन गई। कई रूट पर बसों की संख्या कम होने से अन्य बसों पर लोड बढ़ गया। लोगों को अन्य साधन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस समस्या से राहत दिलाने अब 50 नई ई बसें चलाने की तैयारी है।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एआइसीटीएसएल लोक परिवहन को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने के लिए डीजल बसों को हटाकर ई बसों का चलन बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में 50 ई बसों को संचालित करने की तैयारी है। पहले बीआरटीएस पर करीब 52 ई बसों का संचालन शुरू किया गया। अधिकारी चाहते हैं कि पूरे शहर में ई बसें चलें, ताकि प्रदूषण में कमी आए। हालांकि कुछ समय से लोक परिवहन व्यवस्था गड़बड़ा गई। निजी कंपनी की 180 सिटी बसें का संचालन बंद हो गया, बसें डिपो में खड़ी हैं।
जिस कंपनी ने 180 बसों का संचालन बंद किया उसके द्वारा ऐप से टिकट बुकिंग, भुगतान के दावे किए गए थे, लेकिन ऐप से संचालन बंद हो गया। आइ बस व अन्य बसों में यूपीआइ से भुगतान की व्यवस्था का दावा था, लेकिन ऑपरेटर इसे चालू नहीं कर रहे हैं। अफसरों का दावा है कि जल्द ई भुगतान की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
अफसर व जनप्रतिनिधि बसों का शुभारंभ मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में करवाना चाहते हैं। बसों को डिपो में रखा है। सीएम की तारीख मिलते ही संचालन शुरू होगा। प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत भी इंदौर को 150 बसें जल्द मिलने वाली हैं। केंद्र ने ही बसों की एजेंसी नियुक्त कर दी है, जो बसें उपलब्ध कराने के साथ संचालन करेंगी। ऐसे में शहर में ई बसों का संचालन होगा। सीईओ दिव्यांक सिंह के मुताबिक, 50 बसों को जल्द सड़क पर उतारा जाएगा।
-देवास नाका से फूटी कोठी चौराहा।
-बंगाली चौराहा से महू नाका।
-चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा से राजबाड़ा।
-कैट से राजबाड़ा होते हुए देवास नाका।