
प्लास्टिक का उपयोग रोकने वाले स्कूल को मिलेगा हरित विद्यालय अवार्ड
इंदौर. प्लास्टिक एवं पॉलीथिन जैसी पर्यावरणको हानि पहुंचाने वाले तत्वों पर पूर्णत: बैन को लेकर सरकार काफी सख्ती से कार्य कर रही है। जागरूकता अभियान कार्यक्रम भी लगातार बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे है। लेकिन अभी भी पूरी तरह से इनके उपयोग पर रोक नहीं लग पाई है। जिसको देखते हुए शिक्षा विभाग एपं पर्यावरण मंत्रालय अब स्कूलों में बच्चों एवं शिक्षकों के बीच नया प्रयोग करने जा रहा है। अब जो स्कूल अपने परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त कर देगा या कम से कम प्लास्टिक का इस्तेमाल करेगा उसे विभाग द्वारा भोपाल में ‘ग्रीन स्कूल’ अथवा हरित विद्यालय का तमगा दिया जाएगा।
ज्ञात हो अभी तक स्कूलों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक एवं पॉलीथिन से निर्मित सामग्रियों काफी लोकप्रिय है जैसे वॉटर बॉटल, फाइल-फोल्डर, कप प्लेट, पानी के ग्लास, ट्रे, पेन स्टैंड आदि एवं इनका प्रयोग भी जमकर किया जाता है। वयस्कों से पहले बच्चों में जागरूकता लाने के लिए यह पहल कि जा रही है। जिसको लेकर पर्यावरण मंत्रालय के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने ९ मई को सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए थे। जिसके तुरंत बाद ही लोक शिक्षण विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस विषय में आदेश पत्र जारी किए। पत्र के अनुसार प्लास्टिक से निर्मित कई सामग्रीयों का उल्लेख किया गया है। अब जिन स्कूलों में बच्चे एवं शिक्षक-कर्मचारी कम से कम प्लास्टिक से बनी चीजों का इस्तेमाल करेंगे उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए यह अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
पर्यावरण दिवस पर घोषणा
सभी स्कूलो को ३० मई तक अपनी प्रविष्टियां विभाग के एप्को कार्यालय को भेजनी है। जिसमें स्कूल परिसर के फोटोज से लेकर सभी संबंधित जानकारियां समाहित हो। ५ जून को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में भोपाल में मंत्रालय द्वारा स्कूल को हरित विद्यालय अथवा ग्रीन स्कूल का अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
Published on:
22 May 2018 06:12 am
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