इंदौर. आम दिनों में कोर्ट में वैसे तो आरोपित और फरियादियों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सोमवार को कोर्ट परिसर में और कोर्ट के बाहर कई ऐसे लोग भी मौजूद थे, जो दूर से ही पहचाने जा सकते थे। ये लोग सामने स्टैंड पर बाइकों पर बैठे हुए थे या कोर्ट में वकीलों की टेबलों पर जमे हुए थे। सोमवार को यहां वकील योगेश गर्ग की हत्या के मामले की सुनवाई होनी थी।
हत्या के आरोपितों की कोर्ट में पेशी के पहले ही उनके गुर्गे यहां आ जमे थे। अपर सत्र न्यायालय के ठीक बाहर पुलिस के 4 जवान तैनात थे। इन सभी के साथ दाढ़ी में एक हट्टा-कट्टा सा व्यक्ति बैठा हुआ था, जो कि पुलिस के कर्मचारियों को चाय-नाश्ता करवा रहा था। इसी बीच 11.47 मिनट पर जिला उपजेल महू से कैदियों को लेकर जाफ्ता गाड़ी कोर्ट के सामने आकर रुकी। इसके आते ही कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद लड़के कतारबद्ध तरीके से सड़क किनारे खड़े हो गए। जाफ्ता गाड़ी में से एक हेड कांस्टेबल उतरा और उसने सबको वहां से पीछे किया।
यह भी पढ़ें:-मेरे हर सौदे में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मांग रहा था वकील, इसलिए किया मर्डरउसके बाद गाड़ी में से वकील योगेश गर्ग की हत्या के चारों आरोपित मांगीलाल ठाकुर, सूरज ठाकुर, विकास चौहान और सावन खोड़े उतरे। तीन जवानों के साथ जैसे ही ये कोर्ट परिसर में पहुंचे वैसे ही बाहर की ओर मौजूद लड़के उनके पीछे चलने लगे। वहीं कोर्ट में इधर-उधर फैले लगभग 40 से ज्यादा लड़के आरोपितों के पैर छूने लगे। इसी तरह से वे जेल जाफ्ता तक पहुंचे। इसके बाद कुछ लड़के यहां लगी वकीलों की टेबलों पर बैठ गए, वहीं कुछ जाफ्ता के सामने ही खड़े हो गए। यहां पहुंचते ही मांगीलाल ठाकुर ने इशारा कर अपने एक गुर्गे को बुलवाया। उससे लगभग दो मिनट बात की उसके बाद एक अन्य गुर्गा आकर जाफ्ता के सामने खड़ा हो गया। ठाकुर उसे जो कुछ कहता जा रहा वो अपने मोबाइल और एक डायरी में नोट करता रहा। इसके बाद वो तुरंत वहां से रवाना हो गया। लगभग 10 मिनट बाद कोर्ट में मुजरिम तामिली देने के बाद पुलिस के जवान चार में से दो आरोपियों को कोर्ट ले गए। उस समय उनके आगे-पीछे उनके गुर्गे चल रहे थे। यहां कोर्ट के बाहर ही पुलिस के जवानों ने बाकी को रोक दिया और केवल आरोपितों को ही कोर्ट में जाने दिया। यहां पर इस केस के गवाह पहले से बैठे थे। केस की सुनवाई के दौरान केस से जुड़े लोगों के अलावा बाकी लोगों का कोर्ट में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। उनके बाद दो और आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां लगभग दो बजे तक सुनवाई चलती रही। इस दौरान पूरे समय कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में ठाकुर के गुर्गे न सिर्फ कोर्ट परिसर बल्कि कोर्ट के बाहर साइकल स्टैंड और चाय की दुकान पर भी जमे रहे।
यह भी पढ़ें:- हाई कोर्ट वकील की सरेराह गोली मारकर हत्या, हत्यारे फरार100 कदम का फासला 20 मिनट में हुआ तयकेस की सुनवाई जिस अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है, उससे जेल जाफ्ता की दूरी बमुश्किल 100 कदमों की है। कोर्ट से जब मुलजिमों को वापस जेल जाफ्ता ले जाया जा रहा था। उस समय पूरी कोर्ट में फैले उनके गुर्गे कोर्ट गेट पर आकर खड़े हो गए। लगभग 70 से ज्यादा गुर्गों की फौज के साथ सूरज ठाकुर और मांगीलाल ठाकुर बातें करते हुए चल रहे थे। इस दौरान जेल जाफ्ता तक जाने में इन लोगों ने 20 मिनट का टाइम लगा दिया। 20 मिनट बाद भी जब जेल जाफ्ता तक ये पहुंचे तो वहां भी उनके गुर्गों से वे बात करते रहे।
कोर्ट के बाहर था डर का माहौलवकील गर्ग की हत्या के आरोपियों की पेशी के दौरान इतनी संख्या में ठाकुर के गुर्गे कोर्ट परिसर में मौजूद थे कि पूरे कोर्ट परिसर में डर का माहौल था। कई वकीलों की टेबलों पर जहां ठाकुर के गुर्गे ही कब्जा किए हुए थे, वहीं केंटिन पर भी ये लोग मौजूद थे।
यह भी पढ़ें:-पुलिस की लापरवाही : वकील योगेश गर्ग ने एक माह पहले मांगा था पुलिस प्रोटेक्शन, जो नहीं मिला...!बाहर सुनवाई की लगी है अर्जी वकील गर्ग के परिजनों को आशंका है कि जिस तरह का माहौल मांगीलाल ठाकुर के गुर्गों द्वारा सुनवाई के दौरान बनाया जाता है। ऐसे में इस मामले में निष्पक्ष गवाही होना मुमकिन नहीं है। इसके चलते ही उन्होंने पहले ही इस केस की सुनवाई महू न्यायालय के अतिरिक्त अन्यत्र कोर्ट में करने का आवेदन कोर्ट में लगा रखा है। इसके अलावा उन्होने आरोपियों को जेल में भी सुविधा दिए जाने का आरोप लगाते हुए आरोपितों की जेल भी बदलने का आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया हुआ है।
