
इंदौर. पति-पत्नी के बीच चल रहे एक 15 साल पुराने मामले में इंदौर हाईकोर्ट में उस वक्त रोचक मोड़ आया जब कोर्ट ने पति को जेल भेजने की बात कही। जेल जाने के डर से पति उस बात के लिए राजी हो गया जिसे लेकर वो बीते 15 साल से आनाकानी कर रहा था। दरअसल पति पत्नी को भरण पोषण नहीं दे रहा था और इसी को लेकर पत्नी ने करीब 15 साल पहले कोर्ट में केस दर्ज कराया था।
15 साल बाद से पत्नी को नहीं दे रहा भरण पोषण
भरण-पोषण राशि देने से जुड़ी करीब 15 साल पुरानी अपील की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हाई कोर्ट में रोचक घटनाक्रम हुआ। भरण-पोषण नहीं दे रहे पति को कोर्ट ने जेल भेजने की बात कही तो सोमवार तक चार लाख रुपए देने का शपथ-पत्र पति ने दिया। कोर्ट के आदेश के बाद भी करीब चार साल से पति 4 हजार रुपए महीना भरण-पोषण राशि नहीं दे रहा है। 2016 से राशि भुगतान अनियमित है। बकाया राशि 4 लाख 16 हजार रुपए हो गई। चीफ जस्टिस रवि कुमार मलिमथ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगल पीठ में करीब 10.20 बजे सुनवाई हुई। कोर्ट ने पति को दो घंटे में बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने का आदेश दिया।
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पत्नी को देगा 4 लाख रुपए
पत्नी की वकील एडवोकेट स्वाति उखले ने बताया कि पति की ओर से उपस्थित वकील ने कोर्ट से कुछ समय मांगा। कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र पर बताएं कि पत्नी को बकाया राशि कब देंगे। काफी समय तक पति की ओर से शपथ-पत्र पेशसनहीं होने पर कोर्ट को जानकारी दी गई कि पति लग्जरी कार का इस्तेमाल कर रहा है। उसने मित्र को आठ लाख रुपए उधार दिए हैं। इस पर कोर्ट ने परिसर में मौजूद पति को गिरफ्तार कर जेल भेजने के मौखिक आदेश कर दिए। इसके बाद पति के वकील कोर्ट में पहुंचे और पति का शपथ-पत्र दिया कि सोमवार या उससे पहले वह भरण-पोषण की पूरी राशि जमा कर देगा। कोर्ट ने सोमवार तक का समय दिया है। राशि नहीं देने पर गिरफ्तारी होगी।
Updated on:
13 Mar 2022 05:47 pm
Published on:
13 Mar 2022 05:47 pm
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