
Indore News : इंदौर में हाई वोल्टेज ड्रामा...जेसीबी के आगे लेटा शोरूम मालिक
इंदौर. इंदौर में आज सुबह-सुबह हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब निगम अमला एक शोरूम का अवैध हिस्सा तोडऩे पहुंचा। विरोध करते हुए शोरूम संचालक जेसीबी के सामने लेट गया, वहीं स्टाफ ने भी अमले के सामने बैठकर प्रदर्शन किया। विरोध काम नहीं आया और नपती कर अमले ने कार्रवाई शुरू कर दी।
एमआइजी कॉलोनी में क्रिश्चियन एमिनेंट स्कूल के सामने पूरी तरह अवैध बिल्डिंग बन गई और अन्नपूर्णा ड्रेसेस के नाम से शो रूम संचालित होने लगा। इतना कुछ हुआ, लेकिन नगर निगम अफसरों को होश नहीं था। हमेशा की तरह शिकायत होने के बाद ही निगम अफसर जागे। निगम से नक्शा सेमी कमर्शियल का मंजूर करवाकर पूरा कमर्शियल बना लिया गया। जी प्लस टू की मंजूरी लेकर जी प्लस फाइव का निर्माण कर लिया गया। शिकायत पर जागे निगम अफसरों ने अन्नपूर्णा ड्रेसेस में अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई शुरू की। निगम अफसरों ने शोरूम में घुसकर नपती की नौटंकी की। दूसरी ओर शोरूम मालिक ने कार्रवाई रुकवाने का पूरा प्रयास किया। यहां तक की वह पोकलेन के नीचे लेट गया। इस दौरान निगम अफसरों से उनकी बहस और विवाद भी हुआ। अपने मालिक का साथ देते हुए शो रूम कर्मचारियों ने भी धरना अलग दिया।
ऐसे किया अवैध निर्माण
निगम के जोन-9 पंचम की फेल में आने वाली एमआइजी कॉलोनी में प्लाट नंबर 32 पर नक्शा मिलिंद वाशिमकर, नमीता वाशिमकर, सतीश वाशिमकर और कुसुम वाशिमकर के नाम से मंजूर हुआ है। मेन रोड पर 4500 वर्गफीट के इस प्लाट पर निगम से जी प्लस टू का सेमी कमर्शियल नक्शा पास कराया गया। इसके अनुसार मौके पर ग्राउंड लोर पर कर्मिशयल और ऊपर की दो मंजील आवासीय बनाई जानी थी। हालांकि नक्शा मंजूर कराने वाले वाशिमकर परिवार ने मौके पर पूरा कमर्शियल बना लिया। साथ ही अवैध निर्माण भी कर लिया। तीसरी और चौथी मंजिल के साथ बेसमेंट भी अवैध रूप से बना लिया गया। एमओएस पूरा कवर कर लिया गया। क्रिश्चियन एमिनेंट स्कूल के सामने अवैध रूप से बनी इस बिल्डिंग में अन्नपूर्णा ड्रेसेस नाम से शो रूम संचालित होता है।
नोटिस का नहीं दिया जवाब
अवैध निर्माण की शिकायत होने पर क्षेत्रीय भवन अधिकारी अनूप गोयल ने वाशिमकर परिवार को नोटिस जारी किया, लेकिन उन्होंने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। लगातर नोटिस देने के बावजूद जवाब न मिलने पर आज सुबह 8 बजे निगम का अमला अन्नपूर्णा शोरूम के अवैध निर्माण तोडऩे पहुंचा। इस दौरान शो रूम मालिक वाशिमकर ने निगम अफसरों से जहां बहस और विवाद किया, वहीं कार्रवाई को रूकवाने को लेकर प्रयास अलग किए और पोकलेन के नीचे लेट गया।
दो घंटे देर से शुरू हुई कार्रवाई
अन्नपूर्णा ड्रेसेस बिल्डिंग तोडऩे के लिए निगम का अमला सुबह ८ बजे मौके पर पहुंच गया था। अमले में 7 पोकलेन, 5 जेसीबी, 70 से ज्यादा रिमूवल विभाग के कर्मचारी, उपायुक्त लता अग्रवाल, रिमूवल विभाग के प्रभारी अधिकारी अश्विन जनवदे, बिल्डिंग अफसर अनूप गोयल और सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे आदि शामिल थे। इन अफसरों ने कार्रवाई शुरू करने से पहले शो रूम मालिक के आने का इंतजार किया। सुबह 8.30 बजे के आसपास मालिक वाशिमकर पहुंचा और अफसरों से कार्रवाई न करने का अनुरोध करने लगा। इस पर अफसर नहीं माने और शो रूम खाली करने को कहा। इसको लेकर शो रूम मालिक वाशिमकर और निगम अफसरों में जमकर विवाद भी हुआ। इस दौरान वाशिमकर की घर की महिलाएं भी पहुंच गई थी। कार्रवाई को लेकर दो घंटे तक विवाद चलता रहा। आखिरकार सुबह 10 बजे पोकलेन-जेसीबी से शो रूम को तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
रोने लगी महिलाएं
शो रूम पर जेसीबी-पोकलेन चलते देख वाशिमकर के परिवार की महिलाएं रोने लगी और कार्रवाई न करने को लेकर अफसरों के हाथ जोडऩे लगी। इसके बावजूद निगम रिमूवल अमले ने तोडफ़ोड़ कर दी।
सामान खाली कराने के साथ की नपती
कार्रवाई शुरू होने से पहले निगम रिमूवल विभाग के प्रभारी अधिकारी जनवदे ने शो रूम का सामान खाली करवाया। इसके साथ ही बिल्डिंग अफसर गोयल ने अंदर की नपती कराई। थोड़ा बहुत ही सामान खाली हुआ था कि निगम रिमूवल अमले ने जेसीबी-पोकलेन चलना शुरू कर दी, ताकि शो रूम मालिक वाशिमकर कोर्ट जाकर निगम की कार्रवाई के खिलाफ स्टे न ले जाए। इसलिए कोर्ट खुलने के पहले ही बिल्डिंग को तोडऩा शुरू कर दिया गया। निगम की जेसीबी-पोकलेन चलने से शोरूम का पूरा नक्शा ही बिगड़ गया।
Published on:
26 Mar 2022 11:29 am
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