
सांसद के प्रयासों से लौटेंगे पाकिस्तान गए हिंदुस्तानी
इंदौर। कोरोना लॉक डाउन की वजह से पाकिस्तान में फंसे हिंदुस्तानियों के लौटने का रास्ता साफ हो गया है। पहले चरण में ४१२ लोग वाघा बॉर्डर से २२ व २३ जून को आएंगे। दूसरे चरण में उन्हें प्रवेश दिया जाएगा, जो कि लांग टर्म वीजा में रह रहे थे और किसी काम से पाकिस्तान गए थे।
विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने वंदे मातरम् मिशन चला रखा है। इसके चलते सभी देशों से लोगों को लाया जा रहा है। इस अभियान में पाकिस्तान को दूसरे दर्जे पर रखा गया था, लेकिन सांसद शंकर लालवानी ने पीडि़तों की समस्या विदेश मंत्री के सामने रखी। आखिर में कल सफलता मिल ही गई। विदेश मंत्रालय ने ४१२ लोगों को हिंदुस्तान आने की अनुमति जारी कर दी।
ये सभी किसी ना किसी काम से पाकिस्तान गए थे, जो लॉकडाउन की वजह से वहां फंस गए। तब से लगातार प्रयास किया जा रहा था, जिनके परिजन ने लालवानी से गुहार लगाई थी कि वे मदद करें। आने वालों में सिंधी समाज के साथ कश्मीरी और पंजाबी भी शामिल हैं। ८० दिन बाद उनकी वापसी हो पाएगी। इसके अलावा कुछ पाकिस्तानी नागरिक जो की लांगटर्म वीजा पर हिंदुस्तान में रह रहे थे, ऐसे ११२ लोगों की भी दूसरे चरण में हिंदुस्तान वापसी होगी।
किया जाएगा होम क्वॉरंटीन
सिंधी समाज के नरेश फुंदवानी ने बताया कि पाकिस्तान से लौटने वालों में इंदौर के भी कई लोग हैं। सड़क मार्ग से आने की वजह से उनके परिजन लेने पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि सभी को पहले ही निर्देशित कर दिया है कि वे कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करें। घर आने के बाद उन्हें १४ दिन घर में ही क्वॉरंटीन रहना पड़ेगा।
Published on:
12 Jun 2020 10:35 am
